HIGHLIGHTS
- गांव में पहली बार कोई अधिकारी पहुंचा
- सोनभद्र में तिलहर टोले का हाल जानने के लिए सीडीओ जागृति अवस्थी अफसरों के साथ पहुंची
- ग्रामीणों की समस्याओं को जानकर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी

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सोनभद्र। घोरावल तहसील के ग्राम पंचायत दुगौलिया के तिलहर टोले के लिए सोमवार का दिन खास बन गया। सड़क और संपर्क से दूर इस टोले में शिकायत सुनने के लिए पहली बार कोई बड़ा अफसर पहुंचा था। सीडीओ जागृति अवस्थी (IAS) यहां तक पहुंचने के लिए करीब ढाई किमी पैदल चलीं, फिर डेढ़ किमी की दूरी ट्रैक्टर पर बैठकर तय कर।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए पहुंची। सीडीओ ने गांव के एक-एक घर जाकर उनकी पीड़ा सुनीं। कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के साथ बैठकर बातचीत की। गाजियाबाद के बाद प्रदेश को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले सोनभद्र के इस गांव में आजादी के साढ़े सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को दूर कराने का भरोसा दिया।

इसके लिए विभागों को समन्वित योजना बनाने के निर्देश दिए। सीडीओ जागृति अवस्थी को डब्ल्यूएचओ की टीम के जरिए घोरावल ब्लॉक के तिलहर गांव में खसरे का प्रकोप होने और टीकाकरण न कराने की सूचना मिली थी। इस पर टीम के साथ सीडीओ खुद तिलहर गांव के लिए निकल पड़ी।

शाहगंज से आगे बढ़ीं तो पता चला कि गांव तक जाने के लिए कोई सड़क ही नहीं है। टीम के साथ पहाड़ी पगडंडियों से होते हुए लगभग ढाई किमी की दूरी उन्होंने पैदल तय की। इसके बाद आगे का डेढ़ किमी सफर ट्रैक्टर-ट्राली के जरिए पूरा किया। गांव में पहुंचने पर न बिजली की सुविधा मिली और न ही पेयजल और स्वास्थ्य से जुड़े इंतजाम थे।

कंपोजिट विद्यालय में बच्चों की अच्छी मौजूदगी थी, लेकिन अन्य सुविधाओं-संसाधनों के अभाव पर सीडीओ भी हतप्रभरह गईं। इस दौरान जो भी बच्चे खसरे की चपेट में थे उन्हें जरूरी दवा-उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही शेष बच्चों का टीकाकरण कराया गया।

ग्रामीणों को साफ-सफाई और रोगों से बचाव के लिए जरूरी हिदायतें दी गई। जब तक गांव के लिए सड़क का निर्माण और स्वास्थ्य को लेकर स्थाई व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक डॉक्टरों की एक टीम तिलहर गांव में रोस्टर वार चक्रमण-ग्रामीणों के चेकअप का कार्य जारी रखेगी।

सीएमओ को इस व्यवस्था को तत्काल प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क का निर्माण शीघ्र शुरू हो सके इसके लिए पीडब्ल्यूडी महकमे को वन विभाग से समन्वय बनाते हुए जल्द एनओसी हासिल करने के लिए कहा गया है।

सीडीओ ने सड़क निर्माण न होने को लेकर पीड से जानकारी मांगी तो बताया गया कि तीन साल पहले ही सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई है, लेकिन अब तक वन विभाग की एनओसी नहीं मिल पाई है। विद्युतीकरण का कार्य न होने के पीछे भी वन विभाग की अड़ंगेबाजी सामने आई।

सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को शीघ्र दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। गांव में सीडीओ के साथ घोरावल बीडीओ समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




























