विभिन्न मंडलों में स्वयंसेवकों ने निकाली पथ संचलन यात्रा

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  • केशव बस्ती स्वयंसेवकों ने निकाली पथ संचलन यात्रा

सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र नगर के केशव बस्ती के स्वयंसेवकों द्वारा विजयादशमी उत्सव के अवसर पर सोनभद्र नगर में पथ संचलन किया। सोनभद्र नगर स्थित मिनी स्टेडियम से पथ संचलन प्रारंभ होकर अंबेडकर महाल होते हुए चंडी तिराहा,

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सोनभद्र नगर का भ्रमण करते हुए रामलीला मैदान में पदयात्रा का विश्राम हुआ तथा नगर स्थित रामलीला मैदान में पूर्ण गणवेश में विजयादशमी उत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ एकल गीत व अमृतबचन से हुआ।

कार्यक्रम में मंचासीन नगर संघ चालक संगम व क्षेत्र शारीरिक प्रमुख अखिलेश जी रहे। बौद्धिक उद्बोधन में क्षेत्र शारीरिक प्रमुख अखिलेश ने बताया कि,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। संस्कृति को बंद करने की संस्कृति का मुकाबला करने के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता थी।

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डॉक्टर हेडगेवार के मन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना का विचार आया, क्योंकि वे सामाजिक गतिविधियों से जुड़े थे और समाज का अध्ययन कर रहे थे।विजयादशमी के दिन संघ शुरू हुआ, लेकिन उसी दिन उसका नामकरण नहीं हुआ था।

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संघ की स्थापना के समय कुछ बंधु बैठे थे, जिनकी आयु अधिक नहीं थी और एक व्यायामशाला तय हुई। प्रारंभ में 11-22 लोग व्यायामशाला में एकत्रित हुए।साप्ताहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की साधना करने का निर्णय लिया गया। पाठ और व्यायाम के बाद समाज और आस-पास के विषयों पर चिंतन किया जाता था।मैदान में व्यायामशाला जैसे शारीरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे

कुछ कार्यकर्ता ब्रिटिश शासन के दौरान परेड और ड्रिल देखकर सीखते थे। संघ ने अपनी व्यायामशाला में चिंतन द्वारा शब्दों का विकास किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कार्यकर्ता बनना एक प्रक्रिया है, जो शारीरिक और वैचारिक संघर्ष के माध्यम से होता है।

संघ की शाखा में चिंतन और मिट्टी में बैठकर खेलने से संघर्ष करने की क्षमता विकसित होती है।यह क्षमता मातृभूमि के लिए विपत्ति और आपत्ति से लड़ने में सहायक होती है। किसी भी कार्य के विफल होने की संभावना उसकी परिस्थितियों पर निर्भर करती है।संघ के संस्थापक ने जिन परिस्थितियों में जन्म लिया, उसकी कल्पना और तुलना वर्तमान परिस्थितियों से की जा रही है। उस समय के शासन की तुलना करके यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों ने किन कठिन परिस्थितियों में हिंदू समाज के संगठन का व्रत लिया।

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1947 से पहले प्रचारक व्यवस्था थी, जिसका उद्देश्य भारत के प्रवेश द्वार की रक्षा करना था।भारत विभाजन के समय, समाज को बचाने और भारत की भूमि में वापस लाने का कार्य किया गया। संघ कार्य शताब्दी वर्ष विजयादशमी तक चलेगा। शताब्दी वर्ष में कार्य के विस्तार की योजना बनानी है, जहाँ शाखाएँ स्थापित की जाएंगी।

सामाजिक समरसता, पर्यावरण, जल प्रबंधन, स्व भाव जागरण और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच प्रण के कार्य शामिल हैं। परिवार से सामाजिक समरसता का विषय शुरू होता है, फिर मोहल्ला और पड़ोस तक फैलता है। एक घर और एक भाई के विचार से समाज में परिवर्तन आता है। विस्तृत भारत राष्ट्रीय संघ की शक्ति और सामर्थ्य को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं है।

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गुरु जी ने प्रत्येक सप्ताह एक नए कार्यकर्ता को जोड़ने का संकल्प लिया था। हम सभी को भी शताब्दी वर्ष में एक एक संकल्प लेकर उसको पूर्ण करने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम में विभाग प्रचारक उपेन्द्र, जिला प्रचारक राहुल, विभाग सह कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख आलोक सिंह,विभाग सेवा प्रमुख अवध, सह विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख राम लगन,नगर कार्यवाह महेश ,सह नगर कार्यवाह मनोज ,जिला व्यवस्था प्रमुख कीर्तन, जिला प्रचार प्रमुख नीरज सिंह, ,जिला घोष प्रमुख तारकेश्वर, जिला बाल प्रमुख राजेन्द्र,जिला बौद्धिक प्रमुख आनंद,नगर प्रचारक हरेंद्र,नगर व्यवस्था प्रमुख जे0बी सिंह,

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नगर संपर्क प्रमुख अनिल सिंह,नगर प्रचार प्रमुख कृष्ण प्रताप, नगर शारीरिक प्रमुख नीतीश,सह नगर प्रचार प्रमुख आशीष शुक्ला, शाखा कार्यवाह बिश्वनाथ,शशांक शेखर कात्यायन, रमेश मिश्रा ,कृष्ण मुरारी गुप्ता,धर्मवीर तिवारी, राज नारायण तिवारी, विनोद शुक्ला, आशुतोष,सत्यम, चंदन आदि स्वयंसेवक व मातृशक्ति के रूप में माताएं बहने उपस्थित रही।

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शाहगंज मंडल

सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र शाहगंज मंडल के स्वयंसेवकों द्वारा विजयादशमी उत्सव शाहगंज वेंकटलान में किया गया तथा कार्यक्रम के समापन के बाद पथ संचलन निकाला गया। कार्यक्रम में मंचासीन खंड संघ चालक सुशील पाठक व विभाग गो संवर्धन प्रमुख नंदलाल रहे।

बौद्धिक उद्बोधन नंदलाल नंदलाल ने शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दी तथा 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर 100 वर्ष तक के सफर का विस्तृत विश्लेषण किया। कार्यक्रम में घोरावल नगरसंघचालक रमेश,खंड कार्यवाह बिपिन सह खंड कार्यवाह सर्वेष,सह नगर कार्यवाह कौशल,विभाग सद्भाव प्रमुख रमेश, विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख धनंजय, , खंड शारीरिक प्रमुख मनोज, खंड व्यवस्था प्रमुख आकाश,खंड धर्म जागरण प्रमुख राजाराम,खंड संपर्क प्रमुख विजय आदि उपस्थित रहे।

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वैनी मंडल ,सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र शाहगंज मंडल के स्वयंसेवकों द्वारा विजयादशमी उत्सव शाहगंज वेंकटलान में किया गया तथा कार्यक्रम के समापन के बाद पथ संचलन निकाला गया। कार्यक्रम में मंचासीन खंड संघ चालक ओंकारनाथ द्विवेदी व विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री नितिन रहे।

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बौद्धिक उद्बोधन मे प्रांत संगठन मंत्री नितिन ने कहा कि, जिस प्रकार हमारे जीवन में महाकुंभ एक बार आया था उसी तरह से हम सभी स्वयंसेवकों के जीवन में शताब्दी वर्ष का अवसर सिर्फ एक बार आया है। शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दी तथा 1925 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर 100 वर्ष तक के सफर व आपातकाल के क्षणों को बताया।

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सन 1926 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली शाखा लगी। संघ की स्थापना डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने एक छोटे समूह के साथ की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यशैली का मूल आधार दैनिक शाखा है। संघ की शाखा में तय समय व स्थान पर लोग एकत्र होते हैं जहां शारीरिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास से संबंधित गतिविधियों व कार्यक्रमों का आयोजन होता है। जिससे व्यक्ति का निर्माण होता है

संघ ने समाज में पंच परिवर्तन –कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नैतिक कर्तव्य और स्व का बोध के बारे में बताया। शताब्दी वर्ष पर विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 7 विषय को लेकर समाज में जाने की बात बताई है। विजयादशमी के दिन 100 वा वर्ष के साथ वर्ष भर यह कार्य होने वाला है। कार्यक्रम के समापन के बाद उपस्थित स्वयंसेवकों ने बीआरसी प्रांगण सेमरिया से नगमा ब्लाक तक पथ संचलन पूर्णवेश में किया। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह दिनेश, खंड कार्यवाह रवि सहखंड कार्यवाह अनिल खंड धर्म जागरण प्रमुख चंदन ,हिरेश,आलोक सिंह अमरेश पटेल आदि उपस्थित रहे।

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बढ़ौली मंडल, सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र बढ़ौली मंडल के स्वयंसेवकों द्वारा विजयादशमी उत्सव नेशनल आईटीआई कालेज पुसौली में किया गया तथा कार्यक्रम के समापन के बाद पथ संचलन निकाला गया। कार्यक्रम में मंचासीन खंड संघ चालक सतेन्द्र पाठक जिला कुटुंब प्रबोधन प्रमुख संतोष रहे। बौद्धिक उद्बोधन मे जिला कुटुंब प्रबोधन प्रमुख संतोष ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शून्य से शतक का सफर का विस्तृत विश्लेषण किये। कार्यक्रम मे खंड संघचालक सत्येंद्र , खंड कार्यवाह जितेंद्र, सह खंड कार्यवाह संकल्प, जिला व्यवस्था प्रमुख कीर्तन जिला सामाजिक समरसता प्रमुख अनिल, मंडल कार्यवाह नितेश , व्यवस्था प्रमुख चंद्र प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

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