HIGHLIGHTS
- श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता व बाली वध का कलाकारों ने किया भावनात्मक मंचन
- रामलीला में हनुमान जी ने उजाड़ी अशोक वाटिका, स्वर्ण लंका का कर दिया दहन
- माता सीता की खोज में हनुमान जी पहुंचे लंका, उजाड़ी अशोक वाटिका कर दिया लंका दहन

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सोनभद्र। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के नौवें दिन भगवान श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता, बाली वध व लंका दहन की लीला का भावनात्मक मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लीला की शुरुआत में किष्किंधा में श्री राम लक्ष्मण का हनुमान जी से मिलन हुआ, फिर अग्नि को साक्षी मानकर सुग्रीव से मित्रता की।
वहीं लीला के दौरान राम द्वारा बाली वध का दृश्य अत्यंत भावनात्मक रहा। श्रीराम ने वृक्ष की ओट से बाली का वध कर सुग्रीव को उसका राज्य लौटाया। बदले में सुग्रीव ने प्रतिज्ञा की कि वर्षा ऋतु के बाद वह सीता की खोज में अपनी पूरी शक्ति लगा देगा।
इसके बाद सीता की खोज, श्री हनुमान-रावण संवाद, लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। बजरंग बली समुंद्र पार करते हैं। लंका में लंकिनी राक्षसी का वध करके अशोक वाटिका में सीता के दर्शन करते हैं। इसके बाद हनुमान जी सीता को अपना परिचय देते हैं।


बाद में अशोक वाटिका को उजाड़ देते हैं। रक्षा करने आए रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध, मेघनाथ के ब्रह्मपाश में हनुमान जी बंध जाते हैं। उसके बाद रावण और हनुमान जी के बीच संवाद और राक्षसों की ओर से हनुमान की पूंछ में आग लगाना और फिर लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।

इस अवसर पर समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष पवन कुमार जैन, धर्मवीर तिवारी, राकेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, विमल अग्रवाल, विजय कनोडिया, चंद्रभान अग्रवाल, चंदन केसरी, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।































