HIGHLIGHTS
- रामलीला मंचन के सातवें दिन दशरथ मरण, भरत मनावन की लीला देख भावुक हुए दर्शक
- रामलीला में पुत्र वियोग में दशरथ ने त्यागे प्राण, भावपूर्ण लीला से गूंजा रामलीला मंचन
- दशरथ मरण, भरत मनावन की लीला देख भावुक हुए दर्शक

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रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर में आयोजित रामलीला मंचन के सातवें दिन रात्रि में महाराजा दशरथ मरण, भरत मनावन एवं नंदी ग्रामवास की मनमोहक झांकियों का भावपूर्ण मंचन किया गया। मंचन के दौरान उपस्थित दर्शक इन प्रसंगों को देखकर भावुक हो उठे और पंडाल में “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजने लगे।
लीला की शुरुआत में कलाकारों ने अयोध्या में राम के वियोग और पुत्र मोह से व्याकुल होकर महाराजा दशरथ का निधन हुआ।


इस भावुक दृश्य को देखकर पंडाल में उपस्थित लोग आंसू नहीं रोक पाए। इसी क्रम में भरत और शत्रुघ्न के अयोध्या लौटने तथा कैकयी से प्रश्नोत्तर का प्रसंग मंचित हुआ।

भरत गुरु वशिष्ठ, माताओं और मंत्रियों के साथ चित्रकूट जाकर भगवान राम से मिले। भरत मिलाप का यह दृश्य दर्शकों के लिए अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा। मंचन में भरत का भगवान श्रीराम के चरणों में नतमस्तक होना और राम की खड़ाऊ सिर पर धारण कर अयोध्या लौटने का प्रसंग दर्शकों को भावविभोर कर गया।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पवन कुमार जैन, राकेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, विमल अग्रवाल, विजय कनोडिया, चंदन केसरी, उमेश केसरी, प्रशांत जैन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।































