HIGHLIGHTS
- सोनभद्र के बाल गृह बालिका का न्यायाधीश ने किया निरीक्षण, 37 बालिकाएं मिली आवासित
- प्राधिकरण सचिव शैलेंद्र यादव ने बालिकाओं को दी उनके अधिकारों और मध्यस्थता अभियान की जानकारी
सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शैलेंद्र यादव ने सोमवार को राबर्ट्सगंज स्थित बाल गृह बालिका पूर्वासी ग्रामीण उत्थान सेवा समिति का औचक निरीक्षण किया।

मौके पर बाल गृह (बालिका) की अधीक्षिका नीलम सिंह एवं समस्त स्टाफ की उपस्थिति में कुल 37 बालिकायें आवासित मिली। जिसमें से क्रमशः सोनभद्र की 21, मीरजापुर की 12, शाहजहांपुर की 1, भदोही की 03 बालिका आवासित मिली।
आवासित बालिकाओं को मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन आदि का प्रबंधन संतोषजनक मिला।
सचिव न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने बालिकाओं सामुदायिक भाव से नैतिक व्यापार निवारण अधि0 1956, घरेलू हिसां से महिला संरक्षण अधि0 2005, दहेज प्रतिषेध अधि0 1961, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधि0 1971, मातृत्व लाभ अधि0 1961- 26 सप्ताह तक, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधि0 2013,

7लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधि0 2012, गर्भधारक पूर्ण एवं प्रसव पूर्ण निदान तकनीकी (लिंग चयन प्रतिषेध) अधि0 1994, समान पारिश्रमिक अधि0 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधि0 1966, हिन्दू उत्राधिकार अधि0 1956” पीसीपीएनडीटी एक्ट समेत लिंगानुपात की भयावहता से अवगत कराते हुए

बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जहां जागरूक किया वहीं 1 जुलाई से 30 सितम्बर 2025 तक आरम्भ राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान में निस्तारित किए जाने वाले मामले की भी जानकारी दी. उक्त जानकारी शैलेन्द्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गयी।






























