HIGHLIGHTS
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त की प्रान्त कार्यकारिणी बैठक सोनभद्र में संपन्न
- निजी शैक्षणिक संस्थानों के नियमन हेतू राज्य स्तरीय आयोग गठन हेतू प्रस्ताव पारित
विनय कुमार श्रीवास्तव (रॉबर्ट्सगज संवाददाता)
सोनभद्र। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही शैक्षणिक परिसरों में सकरात्मक वातावरण एवं समाज हित के लिए कार्य करते आ रही है। इस हेतू अभाविप शिक्षा क्षेत्र के सभी हित धारको के साथ समय समय पर चर्चा एवं मंथन करती रहती है।

इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त की दो दिवसीय प्रान्त कार्यकारिणी बैठक का आयोजन दिनांक 20 एवं 21 सितंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज स्थित शुभ श्री पैलेस में हुआ। इस दौरान काशी प्रान्त के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर चर्चा कर आगामी दिशा तय की।

प्रथम दिन प्रान्त कार्यकारिणी बैठक का उद्घाटन अभाविप के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही जी, प्रान्त अध्यक्ष प्रो. सुचिता त्रिपाठी जी,प्रान्त मंत्री श्री अभय प्रताप सिंह एवं प्रान्त संगठन मंत्री श्री अभिलाष मिश्रा जी द्वारा किया गया।

बैठक के द्वितीय दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक आदरणीय श्री अनिल जी ने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।

इस प्रान्त कार्यकारिणी बैठक में शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न विषय जैसे की शुल्क वृद्धि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन, पाठ्यक्रम, निजी शिक्षण संस्थानों में व्याप्त अनियमितता आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस प्रान्त कार्यकारिणी बैठक में अभाविप द्वारा उत्तर प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों के नियमन हेतू एक आयोग के गठन की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रान्त की यह कार्यकारिणी यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करती है कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश में भी :
1. एक स्वतंत्र एवं सशक्त निजी शैक्षणिक संस्थान नियामक आयोग की स्थापना करे।
2. यह आयोग निजी संस्थानों की शुल्क संरचना, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक गुणवत्ता, परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता की निगरानी के लिए उत्तरदायी हो।

3. आयोग में शिक्षा विशेषज्ञों, विधिक विशेषज्ञों, समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, ताकि इसका स्वरूप लोकतांत्रिक और जनपक्षीय हो।
4.आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हो कि शिक्षा केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित न रहकर छात्रहित, सामाजिक न्याय, और राष्ट्रहित पर आधारित रहे।

आगामी दिनों में अभाविप शैक्षणिक सर्वे के माध्यम से शिक्षण संस्थानो की वस्तु स्थिति को जानते हुए उनके सुधार हेतू कार्य करेंगी जिसके लिए प्रान्त स्तरीय वृहद सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।इसी के साथ भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर सभी जिलों एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में जनजातीय नायकों के सम्मान में कार्यक्रम होंगे। रानी अब्बाक्का के राज्यरोहन के 500 वें वर्ष में महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर अभाविप विद्यार्थियों के मध्य पंच परिवर्तन से संबंधित विषयों को लेकर विभिन्न आयोजन करेंगी।
इसी के साथ रानी लक्ष्मीबाई जी की जयंती के अवसर पर छात्राओं को वृहद स्तर पर आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने हेतू ‘मिशन साहसी’ का आयोजन किया जाएगा।

समारोप सत्र में प्रान्त संगठन मंत्री श्री अभिलाष जी ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें समाज में अपना दायित्व निभाते हुए छात्रहित की दिशा में कार्य करने हेतू प्रेरित किया।

इस दौरान प्रान्त मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा की “विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही ठीक करेंगे तीन काम : प्रवेश, परीक्षा और परिणाम को ध्येय बना कर कार्य करती है। इस प्रान्त कार्यकारिणी बैठक में शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई एवं समस्याओं के समाधान हेतू आगे की दिशा तय की गई।
आगामी दिनों में अभाविप पूरे काशी प्रान्त में शैक्षिक सर्वेक्षण कर शिक्षण संस्थानों की समस्याओं से हितधारको को अवगत करा कर उनके समाधान हेतू कार्य करेंगी।
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन एवं सामाजिक समरसता के विषयों को ले कर विद्यार्थी समाज में सकारात्मक कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।”






















