HIGHLIGHTS
- धान क्रय केन्द्र से बाहर हुई समिति, किसानों का फूटा गुस्सा
- एडीएम को सौंपा ज्ञापन, चेताया दूरस्थ केन्द्रों पर भटकने को होंगे मजबूर
सोनभद्र। धान की फसल जब कटान पर है और किसान अपनी उपज बेचने की तैयारी कर रहे हैं, तभी प्रशासन ने ऐसा निर्णय लिया जिसने किसानों की नींद उड़ा दी। चतरा विकास खण्ड की रामगढ़ साधन सहकारी समिति लिमिटेड को इस वर्ष धान क्रय केन्द्रों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इससे जुड़े किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कड़ा विरोध जताया और एडीएम को ज्ञापन सौंपा।

किसानों का कहना है कि रामगढ़ समिति जनपद की गिनी-चुनी बड़ी समितियों में से एक है। इसके लगभग 2700 सदस्य सीधे धान और गेहूँ विक्रय से जुड़े हैं। विगत वर्ष इस समिति पर जिले में सबसे अधिक धान की खरीद हुई थी। इसके बावजूद इस बार समिति को सूची से बाहर करना किसानों के साथ नाइंसाफी है।
समिति अध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि समिति का नाम हटने से हजारों किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अब दूर-दराज़ के क्रय केन्द्रों का चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे उनका न सिर्फ समय और पैसा बर्बाद होगा, बल्कि उपज का उचित मूल्य भी समय से नहीं मिल पाएगा।

किसानों ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी से मुलाकात कर समस्या बताई। इसके बाद डॉ. तिवारी किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि “किसान देश की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार किसानों की भलाई की बात करते हैं, ऐसे में समिति को सूची से हटाना सीधे किसानों के साथ अन्याय है। प्रशासन को तुरंत इस गलती को सुधारना चाहिए।”

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समिति को जल्द ही धान क्रय केन्द्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुमित कुमार मिश्र, अनिल मिश्रा, विवेक मिश्रा, राम अधार शर्मा, राजाराम मौर्य, अनिल पटेल, रमाकांत देव सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
































