HIGHLIGHTS
- पुलिस के कातिलाना हमले से उबले अधिवक्ता, न्यायालय परिसर में गरजी आवाजें
- वाराणसी प्रकरण पर एफआईआर वापसी व एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
सोनभद्र। वाराणसी में अधिवक्ता पर हुए पुलिस के “कातिलाना हमले” ने पूरे प्रदेश की बार एसोसिएशनों को आंदोलित कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बार एसोसिएशन सोनभद्र के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा एडवोकेट की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय एवं तहसील सदर परिसर में नारेबाजी करते हुए चक्रमण किया और सरकार को चेताया कि यदि अधिवक्ता विरोधी रवैया बंद नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अधिवक्ताओं ने कहा कि वाराणसी के साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत वापस ली जाए। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में लगातार अधिवक्ताओं की हो रही हत्याओं और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों की निष्पक्ष जांच हो तथा लटके हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू किया जाए।


प्रदर्शन में अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, हेमनाथ द्विवेदी, उमेश मिश्रा, शेषनारायण दीक्षित, चंद्र प्रकाश दुबे, रमेश चौबे, अतुल प्रताप सिंह (पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष), धीरज कुमार पाण्डेय, राजीव सिंह गौतम, प्रबोध सिंह, अरुण सिंघल, सचिन पटेल, त्रिपुरारी मिश्रा, प्रदीप सिंह,

रोशन लाल यादव, शक्ति सेन, अनिल कुमार मौर्य, अविनाश रंजन त्रिपाठी, अभिषेक श्रीवास्तव, उत्कर्ष दीक्षित, विनोद जायसवाल, राजनीश, कामिनी सिंह, आरती पाण्डेय सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ वाराणसी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है। यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।































