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वाराणसी जाने वाले कांग्रेस नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट- महिलाओं को भी पुलिस ने किया नजरबंद
सोनभद्र। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी का अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली दौरे का भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर घेराव कार्यक्रम की घोषणा की थी।

इसके तहत सोनभद्र के कांग्रेसजन बुधवार को ही वाराणसी जाने की रणनीति बना रहे थे लेकिन इसकी भनक लगते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार सुबह कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को जगह-जगह उनके घरों पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड, वरिष्ठ नेता जगदीश मिश्रा, प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्र के साथ ही महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे और उपाध्यक्ष शांति विश्वकर्मा भी वाराणसी जाने की तैयारी में थीं। इसी बीच सीओ रणधीर मिश्रा, कोतवाल गोपाल गुप्ता व कई थानों की पुलिस टीम पहुंची और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने लगी। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।

जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वाराणसी जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। वरिष्ठ नेता जगदीश मिश्रा ने कहा कि मोदी और योगी सरकार के इशारे पर कांग्रेस नेताओं को नजरबंद करना भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है।


प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्र ने कहा कि राहुल गांधी वोट अधिकार और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और पिछड़ों की आवाज उठाने के कारण भाजपा सरकार हताश हो चुकी है।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं से भी डर रही है। न किसानों को खाद मिल रहा है, न ही महिलाएं सुरक्षित हैं। दमनकारी नीतियों से कांग्रेसजन डरने वाले नहीं हैं, संघर्ष जारी रहेगा।

पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में राजेश द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, जिला महासचिव इनामुल हक अंसारी, पीसीसी सदस्य आशुतोष दुबे, धीरज पांडे, बंशीधर पाण्डेय, प्रमोद पाण्डेय, प्रदीप चौबे समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।



























