HIGHLIGHTS
- उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस
- नाली जाम, जल भराव की समस्या पर बोले कौशल शर्मा: नगर में किए गए नाले निर्माण की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन ही संदिग्ध है
कुशल कौशल शर्मा
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र की एक आवश्यक बैठक स्थानीय होटल वैभव में आयोजित की गई इसके उपरांत नगर में जल भराव की समस्या एवं बेतरतीब नाली निर्माण के संबंध में स्थानीय पत्रकारों से प्रेस वार्ता भी संपन्न हुई।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि नगर में जो नाले का निर्माण किया गया इसकी डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) ही संदिग्ध है डीपीआर किसी भी परियोजना का ब्लूप्रिंट खाका है जिससे उसकी उपयोगिता, लागत, लाभ, व्यवहारिता सिद्ध की जाती है

डीपीआर रोड मैप की तरह काम करता है इसमें काम शुरू होने से लेकर पूरा होने तक की सभी प्रक्रियाएं समय सीमा जिम्मेदारियां एवं चरणवार कार्रवाई लिखी होती है। उन्होंने कहा कि उल्लेखनीय है कि नाले का यह यह प्रोजेक्ट बढौली चौराहे से लेकर इस नाले को हिंदवारी बेलन नदी में गिराना था

लेकिन इस प्रोजेक्ट को डाइवर्ट कर दिया गया एवं नगर में बनाया गया नाला सफेद हाथी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में नाली के गंदे पानी को सीधे पकरी जाने वाले नहर में गिराया जा रहा है जो अत्यंत बदबूदार है।

यह पानी सिंचाई एवं पशुओं के पीने में उपयोग होता है जिससे संक्रामक बीमारियां भी फैल सकती है एवं पशु मर भी सकते हैं आदर्श नगरपालिका में गंदगी एवं जल जमाव के कारण मच्छर के लार्वा पनपने एवं संक्रामक रोग फैलने की पूरी पूरी आशंका बनी हुई है प्लाई ओवर के नीचे गंदगी का अंबार लगा है।

श्री शर्मा ने कहा कि भारत में जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के अनुसार बिना शोधन किए हुए अपशिष्ट को जल या नदी में गिराना कानूनी अपराध है।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। नगर की समस्या का निराकरण करने के बजाय लोगों का ध्यान भटका रहे हैं एवं स्थानीय लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

हर व्यक्ति अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरे के ऊपर फोड़ना चाहता है जबकि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि किसी भी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति को मिले। जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह ने कहा कि 2016 में फ्लाईओवर निर्माण के बाद उपसा द्वारा जो नाले का निर्माण किया गया था उसका ढलान सही न होने के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है

जगह-जगह जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी तो पहले कारण खोज कर उसकी सही डिजाइन बनाकर जल भराव के कारणों को दूर किया जाना चाहिए था। तब दूसरे नाले का निर्माण करना चाहिए था। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल ने कहा कि धर्मशाला चौक से चांदी होटल रास्ते पर पहले से चलभराव की स्थिति का सामना नगर वासी कर रहे थे

फिर इसी पैटर्न पर नगर में नाली का निर्माण कर दिया गया कई जगह सड़क से ऊंची नाली होने के कारण जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है तमाम ऐसे भी घर है जिनका लेवल नाली के नीचे है उनके घर के पानी का निकास पीछे धकेल रहा है ऐसे में पानी का निकास कैसे संभव होगा।

नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि 2020 के प्रोजेक्ट को 2025 में वह भी बरसात के महीने मेंआनन-फानन में नाली निर्माण की क्याआवश्यकता थी इस संबंध में प्रत्येक घरों से निकलने वाले पानी की मात्रा एवं स्थानीय लोगों से राय लिया जाना चाहिए था इतना ही नहीं निर्माण कंपनी द्वारा नाली का कीचड़ भी उठाकर सड़क पर फेंका गया और फिर उसी गंदे कीचड़ से गड्ढे पाट दिए गए।

निर्माण के मापदंडों को पूरा नहीं किया गया नाले के नीचे गिट्टी की ढलाई भी नहीं की गई। दिलकरन सिंह ने कहा कि नगर के नागरिक इस भयावह समस्या से पिछले दो दशकों से जूझ रहे हैं परंतु इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पा रहा है अगर यही दशा रही तो यहां के व्यापारियों को सड़क पर उतरना मजबूरी होगी।
अमित अग्रवाल एवं गुरप्रीत सिंह ने कहा कि नगर विकास मंत्री एक शर्मा जी का स्पष्ट आदेश था कि 30 मई 2025 तक नाली निर्माण, सफाई एवं जल भराव संबंधित समस्याओं का निराकरण किसी भी हाल में कर दिया जाए
बावजूद इसके बरसात में ही नाली निर्माण कराया गया। बैठक में प्रमुख रूप से प्रितपाल सिंह, राजेश जायसवाल ,प्रशांत जैन, दिल करण सिंह, अमित जायसवाल आदि लोगों उपस्थित रहे






















