HIGHLIGHTS
- भक्ति, दीप और मंत्रोच्चार से गूंजा विंढमगंज का रामलीला मैदान
- 1500 दीपों से जगमगाया रामलीला मैदान
- दीप यज्ञ व भंडारे में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
विंढमगंज, सोनभद्र। स्थानीय रामलीला मैदान बीती रात भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। अवसर था अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से आई अखंड ज्योति कलश रथ यात्रा के स्वागत का। इसी क्रम में प्रज्ञा मंडल विंढमगंज के तत्वावधान में 1500 दीपों से सुसज्जित भव्य दीप यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ी।

शाम सात बजे जैसे ही रथ यात्रा रामलीला मैदान पहुँबी, पूरा परिसर दीपमालाओं की रोशनी से जगमगाने लगा। मिट्टी के दीपों की पंक्तियाँ मानो धरती पर तारों का संसार बिखेर रही थीं। दीपक गुप्ता ग्रुप की ओर से विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
अतिथि सत्कार के क्रम में वाराणसी जोन से आए गायत्री परिवार की टोली का स्वागत गायत्री मंत्र पट्टा, अभिषेक, माल्यार्पण और अक्षत-पुष्प से किया गया। मुख्य अतिथियों में पूज्य मान सिंह वर्मा, घनश्याम जी, रामलखन जी, अवधेश सिंह, अमरजीत सिंह सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

स्थानीय स्तर पर रामदास कुशवाहा, हुलास प्रसाद यादव, शिवशंकर कुशवाहा, ओमप्रकाश रावत, उमेश जायसवाल, राजेश केसरी, प्रेमचंद कुशवाहा, ओपी यादव, जितेंद्र शर्मा, लवकुश चंद्रवंशी, अरविंद गुप्ता, संजय गुप्ता, सुरेंद्र पासवान और उपेंद्र कुमार ने मिलकर अतिथियों का अभिनंदन किया।

दीप यज्ञ के दौरान व्यासपीठ की टोली ने भजन-कीर्तन के साथ प्रेरक वक्तव्य प्रस्तुत किए। उन्होंने मानव जीवन में नैतिक मूल्यों की गिरावट और बढ़ रही आसुरी प्रवृत्तियों पर चिंता जताते हुए समाज में देवत्व के उदय और संस्कारों की पुनर्स्थापना का आह्वान किया।

सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से एक बुराई का परित्याग करने का संकल्प लिया। इसके बाद प्रज्ञा की देवी गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और अन्य वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच 1500 दीपों में आहुति दी गई। वातावरण मंत्रोच्चार और दीपों की ज्योति से अद्भुत आभा बिखेर रहा था।

अंत में आयोजित भव्य भंडारे में श्रद्धालु देर रात तक प्रसाद पाते रहे। आयोजन की पावन छटा और श्रद्धा की गहराई ने सभी उपस्थित जनों के हृदय में अमिट छाप छोड़ दी।





























