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- सहकारी लेम्प्स में यूरिया आते ही उमड़ी किसानों की भीड़, पुलिस बुलानी पड़ी
कोन, सोनभद्र। अच्छी बारिश के बाद जहां किसान धान की रोपाई को लेकर खुश नजर आ रहे हैं, वहीं खाद की किल्लत उनकी चिंता बढ़ा रही है। इसी बीच शुक्रवार को कोन स्थित सहकारी लेम्प्स में यूरिया खाद की खेप पहुंचने की सूचना जैसे ही किसानों को मिली, वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

हालात बिगड़ते देख लेम्प्स सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को कोन लेम्प्स में 300 बोरी यूरिया खाद आई थी, जबकि शनिवार को 220 बोरी की खेप पहुंची।

सूचना मिलते ही सुबह से ही दर्जनों गांवों के किसान लेम्प्स परिसर में इकट्ठा हो गए। सचिव रामकृत ने बताया कि इस बार की खेप से कोन लेम्प्स से जुड़े आठ गांवों के किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इसी बीच रामगढ़ क्षेत्र से जुड़े किसानों ने आपत्ति जताई।

उनका कहना था कि जब तक कोन, कचनरवा और रामगढ़ लेम्प्स पर खाद की आपूर्ति नहीं हो जाती, तब तक किसी भी किसान को खाद का वितरण नहीं किया जाना चाहिए। इस बात को लेकर किसानों के बीच कहासुनी और बहस तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए सचिव ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद माहौल शांत हुआ।

सचिव रामकृत ने स्पष्ट किया कि शनिवार को आए 220 बोरी यूरिया को गोदाम में रखा जाएगा और किसानों को खाद का वितरण रविवार से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सभी किसानों को यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रामीण किसानों का कहना है कि इस बार समय से रोपाई चल रही है, लेकिन खाद की कमी बड़ी समस्या बनती जा रही है। यदि समय रहते पर्याप्त खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो रोपाई पर असर पड़ सकता है। किसानों की मांग है कि खाद वितरण में पारदर्शिता और सभी लेम्प्स पर समान रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि विवाद की स्थिति न बने।





























