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- एक दिवसीय ‘तिरंगा सांस्कृतिक यात्रा’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सोनभद्र। गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के पूर्व दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय ‘‘तिरंगा सांस्कृतिक यात्रा’’ का आयोजन जनपद सोनभद्र के नगवा विकास खण्ड में आयोजित किया गया।
यात्रा का सुभारम्भ दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि श्री रामपुकार-वन दरोगा, वन विभाग, मांची रेज, सोनभद्र ने हरी झण्डी दिखाकर तिरंगा सांस्कृृतिक यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की नेतृत्व में हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन संपूर्ण देश स्वतंत्रता दिवस तक मना रहा है।

आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन से सर्वप्रथम मैं उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, (संस्कृति विभाग) लखनऊ एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान को व उनके पदाधिकारियों को बधाई देता हॅू। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों ने आज याद करने में कोई देर न करते हुए बताता हूॅ कि आजादी के लड़ाई में यह क्षेत्र बड़-चड़कर मुकाबला किया और

पूर्वाचल क्षेत्र का यह क्षेत्र अग्रेंजो को भगाने में सबसे पहले कामयाब होकर स्वतंत्रता प्राप्त कर लिया था। जो इस क्षेत्र के लिए गर्व कीबात है। यह आजादी आगे चलकर राष्ट्रीय एकता को प्रर्दशित करते हुए सम्पूर्ण स्वतंत्रता आन्दोलन लकीर बना। आज की यह तिरंगा यात्रा से जनजाति सामुहिकता का प्रमाण है।

कार्यक्रम में प्रभारी पवन कुमार खरवार द्वारा रैली में उपस्थित आदिवासीजन व अन्य ग्रामीण जन के साथ नारा लगाकर उत्साह बढ़ाया जिसमें उन्होने नारा में कहा कि हम आदिवासी ने ठाना है, घर-घर तिरंगा लहराना है, जनजातियों की आन-बान-सन तिरंगा मेरी जान, तिरंगा है-तो मेरी शान आदि के साथ पुरा कैमुर क्षेत्र गुज उठा।

तिरंगा सांस्कृतिक रैली-आदिवासी बाहुल्य ग्रामसभा-कजियारी सामुदायिक भवन से होते हुए सुअरसोत, तेनुदाड़ी, विशुनपुर, नगवा बाध, गोंगा, उत्तर प्रदेश-बिहार बार्डर, खलीयारी बाजार में बस अड्डा पर समापन हुआ।

इस अवसर बलबीर सिंह खरवार-आदिवासी समाजसेवी, चंद्रमा सिंह खरवार-प्रधान प्रत्याशी, सरोज खरवार, संजय खरवार, गीता देवी, सुमन खरवार, रामाश्रय, संदीप कुमार, अजय, रामलाल, सुनील कुमार, प्रकाश कुमार, सीता कुमारी, विजवंती, देवंती, सोनमती, राधीका, सहित स्वयं सहायता समूह के सदस्य, वालंेटियर आदि ने रैली को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई साथ ही गांव के सैकड़ों महिला-पुरूषों एवं बच्चें उपस्थित रहे।




























