
HIGHLIGHTS
- मां गंगा के रौद्र रूप की शान्ति के लिए किया द्वादश ज्योतिलिंग व गंगाष्टकम का पाठ
- नमामि गंगे ने मां गंगा की आरती कर गंगा सेवकों ने जलस्तर कम होने की लगाई गुहार
रमेश देव पांडेय (जिला संवाददाता)
वाराणसी। मां गंगा से मनुहार करके नमामि गंगे के सदस्यों ने सावन के आखिरी सोमवार को दशाश्वमेध घाट पर रौद्र रूप शांति के लिए प्रार्थना किया। नमामि गंगे के सदस्यों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ मां गंगा की आरती भी किया।
इस दौरान लोगो ने द्वादश ज्योतिर्लिंग व गंगाष्टकम का पाठ कर मां गंगा से अब और आगे न बढ़ने की गुहार लगाया है। नमामि गंगे के सदस्यों द्वारा राष्ट्रध्वज लेकर गंगा आरती किया और राष्ट्रहित की कामना के साथ ही भारत माता और गंगा माता का जयकारा भी लगाया।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि आरती कर मां भगवती से यही प्रार्थना की गई है कि अब वह शांत स्वरूप में आ जाएं और अपने रौद्र रूप को शांत कर लें। गंगा तटीय क्षेत्र वासियों की रक्षा के लिए पूजा-अर्चना कर प्रार्थना की गई है।
उन्होंने कहा कि समृद्धिदायिनी, मुक्तिदायिनी, मोक्षदायिनी मां गंगा भारत की आस्था और अर्थव्यवस्था के लिए हमारी प्रार्थना अवश्य सुनेंगी।

इस आयोजन में प्रमुख रूप से ध्रुव यादव, सुमित सिंह, शकुन मिश्रा, संजय जायसवाल सहित सैकड़ो की संख्या में साधु और श्रद्धालु उपस्थित रहे ।








