HIGHLIGHTS
- ओबरा नगर में आबकारी नियमों की अनदेखी कर संचालित शराब दुकानों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
ओबरा, सोनभद्र। नगर के मुख्य मार्ग पर संचालित अंग्रेजी शराब ,बीयर देशी शराब की दुकानों के कारण आए दिन उत्पन्न हो रही सामाजिक व धार्मिक अशांति को लेकर छात्र नेता अभिषेक अग्रहरी द्वारा आईजीआरएस पोर्टल संख्या – 40020025009428 पर आबकारी विभाग को शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में यह स्पष्ट किया गया था कि उक्त दुकानें नगर के बीचोबीच,
धार्मिक स्थलों (गुरुद्वारा, मंदिर), शैक्षणिक संस्थानों और रिहायशी इलाकों के अत्यंत निकट स्थित हैं, जिससे क्षेत्रीय जनमानस को विवाद, गाली-गलौज, अभद्रता और कभी-कभी दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं का निरंतर सामना करना पड़ता है शिकायत के बाद विभाग द्वारा बिना किसी भौतिक सत्यापन के रिपोर्ट लगाकर मामला समाप्त कर दिया गया,

जिससे शिकायतकर्ता ने पुनः रिमाइंडर के रूप में दोबारा शिकायत प्रस्तुत की। इस पर 4 अगस्त 2025 को आबकारी निरीक्षक ओबरा नगर में मौके पर जांच के लिए पहुंचे। जब छात्र नेता अभिषेक अग्रहरी को विभागीय निरीक्षण की सूचना मिली तो वे स्वयं मौके पर पहुंच गए और निरीक्षण अधिकारी से स्पष्ट रूप से पूछताछ की कि जब स्थानीय निवासी बार-बार शिकायत कर रहे हैं, जनमानस त्रस्त है, तो विभाग निष्क्रिय क्यों है?

अभिषेक अग्रहरी द्वारा पूछे जाने पर अधिकारी ने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि “यह राजस्व का मामला है, हम कुछ नहीं कर सकते।” इस पर प्रार्थी ने स्पष्ट रूप से कहा कि शराब की दुकान स्वीकृति के दौरान स्थानीय जनमानस की सहमति लिया जाना अनिवार्य प्रावधान है,

जिसकी अनदेखी की गई है। यदि यह दुकानें किसी एकांत स्थान पर स्थानांतरित कर दी जाएं तो न तो धार्मिक वातावरण बाधित होगा, न ही आम जनमानस को मानसिक व आर्थिक क्षति झेलनी पड़ेगी शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि दुकान के बगल में गुरुद्वारा, मंदिर और नगर के सम्मानित नागरिकों के आवास हैं, जिनके सामने प्रतिदिन असामाजिक गतिविधियाँ,

अपशब्दों का प्रयोग, झगड़े और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं। इन समस्याओं के प्रति विभाग की निष्क्रियता जनता में कानून के प्रति अविश्वास और आक्रोश पैदा कर रही है अंत में छात्र नेता अभिषेक अग्रहरी ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभाग द्वारा शीघ्र उचित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय जनमानस के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




























