HIGHLIGHTS
- साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता हेतु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु आरक्षियों को साइबर थाना प्रभारी द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई
सोनभद्र। मंगलवार को जिले के आर टी सी (Recruit Training Centre) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु आरक्षियों को साइबर अपराध की बदलती प्रवृत्तियों एवं डिजिटल दुनिया में उभरते नए अपराधों के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर साइबर थाना प्रभारी श्री सदानंद राय मय फोर्स द्वारा उपस्थित प्रशिक्षु आरक्षियों को विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।

चर्चा के मुख्य बिंदु
1. डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) का फर्जीवाड़ा:
प्रभारी साइबर क्राइम पुलिस थाना ने बताया कि हाल ही में डिजिटल गिरफ्तारी नामक नया साइबर अपराध सामने आया है जिसमें साइबर अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, CBI या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन कॉल के माध्यम से व्यक्ति को डराते हैं कि उनके खिलाफ कोई केस है और उन्हें डिजिटल तरीके से गिरफ्तार किया जाएगा। यह पूर्ण रूप से फर्जीवाड़ा होता है। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान कॉलर को धन न भेजें।

2. सेक्सटोर्शन (Sextortion) के केस:
सोशल मीडिया विशेषकर फेसबुक, इंस्टाग्राम इत्यादि पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर अश्लील वीडियो कॉल की जाती हैं और बाद में स्क्रीन रिकॉर्डिंग के आधार पर ब्लैकमेल किया जाता है।
🔐 सावधानी: किसी भी अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल न करें और निजी जानकारी साझा न करें।

3. स्क्रीन शेयरिंग एप से फर्जीवाड़ा:
AnyDesk, TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के माध्यम से साइबर ठग व्यक्ति का मोबाइल या कंप्यूटर कंट्रोल कर लेते हैं और बैंकिंग जानकारी चुरा लेते हैं।
🚫 ऐसे एप किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें।

4. ऑनलाइन खरीदारी में ठगी:
असत्यापित वेबसाइट्स, फर्जी ऑफर्स या OLX जैसे प्लेटफॉर्म पर सस्ते दामों का लालच देकर पैसे ठगे जाते हैं।
✅ केवल विश्वसनीय वेबसाइट्स से ही खरीदारी करें और UPI के माध्यम से अंजान व्यक्ति को भुगतान न करें।

5. Telegram, UPI, Wallet और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से होने वाले साइबर अपराध:
Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी जॉब ऑफर, सट्टा, फर्जी निवेश योजना इत्यादि के नाम पर पैसे ऐंठे जाते हैं।
⚠️ किसी भी निवेश या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच करें।
📞 साइबर अपराध की शिकायत कैसे करें?
यदि आप किसी साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करें:
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: ☎️ 1930
साइबर क्राइम की वेबसाइट: 🌐 www.cybercrime.gov.in


























