HIGHLIGHTS
- रिहंद और ओबरा डैम के खोले गए एक-एक फाटक
सोनभद्र। जिले के साथ ही, छत्तीसगढ़ में हुई अच्छी बारिश और इसके चलते रिहंद बांध में तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रिहंद डैम के साथ ही ओबरा डैम के एक एक गेट को खोल दिया गया है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। सोमवार को बारिश भी धमी रही लेकिन जलस्तर में वृद्धि का क्रम देखते हुए रिहंद डैम का गेट खोलकर लगातार छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
हालात को देखते हुए रिहंद और ओबरा बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही थी। सोन नदी के भी जलस्तर पर, निगरानी तंत्र की निगाहें बनी हुई थी।बताते चलें कि रिहंद डैम का अधिकतम जलस्तर 870 फीट निर्धारित है लेकिन जून के पहले सप्ताह से लेकर, जुलाई के तीसरे सप्ताह तक मजे की बारिश के चलते, जुलाई माह में ही जलस्तर का आंकड़ा अधिकतम स्तर को छूने लगा है। सोमवार को जैसे ही रिहंद बांध का जलस्तर 869 फीट के पार पहुंचा. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए, सात नंबर गेट को खोलकर छह हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जाने लगा। जलस्तर की स्थिति देखते हुए, रिहंद बांध पर कुल 300 मेगावाट क्षमता वाली विद्युत इकाइयों से भी लगातार विद्युत उत्पादन जारी था। इसके जरिए भी लगभग 12240 क्यूसेक पानी रिहंद नदी में छोड़ा जा रहा था।


बताते चलें कि रिहंद डैम का अधिकतम जलस्तर 870 फीट निर्धारित है लेकिन जून के पहले सप्ताह से लेकर, जुलाई के तीसरे सप्ताह तक मजे की बारिश के चलते, जुलाई माह में ही जलस्तर का आंकड़ा अधिकतम स्तर को छूने लगा है।

सोमवार को जैसे ही रिहंद बांध का जलस्तर 869 फीट के पार पहुंचा. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए, सात नंबर गेट को खोलकर छह हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जाने लगा।

जलस्तर की स्थिति देखते हुए, रिहंद बांध पर कुल 300 मेगावाट क्षमता वाली विद्युत इकाइयों से भी लगातार विद्युत उत्पादन जारी था। इसके जरिए भी लगभग 12240 क्यूसेक पानी रिहंद नदी में छोड़ा जा रहा था।


























