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- गरीब फेरीवाले के दो बेटों ने बदली किस्मत, एक बना स्टेनोग्राफर तो दूसरा यूपी पुलिस में सिपाही
सोनभद्र। गरीबी कभी मंजिल की राह में रोड़ा नहीं बनती, यदि संकल्प मजबूत हो और दिशा सही। जिले के रावट्सगंज क्षेत्र अंतर्गत उरमौरा गांव के रहने वाले एक साधारण फेरीवाले तौहिंद अंसारी के दो बेटों ने यह साबित कर दिखाया है।
बड़े बेटे आसिफ अंसारी ने जहां एसएससी की स्टेनोग्राफर परीक्षा में सफलता पाकर सरकारी सेवा में स्थान पाया, वहीं छोटे बेटे आरिफ अंसारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले और परिवार दोनों का नाम रोशन किया है।

यह सफलता उनके लिए सिर्फ परीक्षा पास करने की बात नहीं, बल्कि उस संघर्ष की जीत है, जिसे उन्होंने बचपन से जिया। दोनों भाइयों ने आर्थिक तंगी को कभी अपने सपनों की राह में आड़े नहीं आने दिया। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों प्रयागराज में रहकर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। सुबह दौड़ लगाना, नियमित व्यायाम और दिनभर की कड़ी पढ़ाई, यही उनकी दिनचर्या बन गई थी।

इनकी सफलता में परिवार का भी अहम योगदान रहा। पिता तौहिद अंसारी गांव-गांव साइकिल से कपड़े की फेरी करते रहे, जबकि मां रोशन बेगम ने घरेलू जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए अपने बेटों को हरसंभव सहयोग दिया। साथ ही दादा नियामत अंसारी, चाचा और मामा का भी विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी।

जैसे ही गांव में दोनों भाइयों की सफलता की खबर फैली, उरमौरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। आसपास के लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी रखे हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी दोनों की सफलता की सराहना हो रही है।

दोनों भाइयों की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत, अनुशासन और धैर्य से कोर्ड भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।



























