कारगील विजय दिवस का यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है – अनामिका चौधरी

HIGHLIGHTS

  • कारगील विजय दिवस का यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है – अनामिका चौधरी
  • कारगील विजय दिवस पर सैनिक सम्मान व संगोष्ठी का किया गया आयोजन


सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी सोनभद्र द्वारा कारगील विजय दिवस के अवसर पर जय मां भगवती महाविद्यालय के प्रांगण मे पूर्व सैनिक सम्मान व संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी बतौर मुख्यअतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा अनामिका चौधरी मौजूद रही। संगोष्ठी का शुभारंम्भ पं0 दीनदयाल उपाध्याय व डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के चित्र पर मुख्यअतिथि अनामिका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, सदर विधायक भूपेश चौबे, नगर पालिका चेयरमैन रुबी प्रसाद ने पुष्प अर्पित कर किया।

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संगोष्ठी का अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता व संचालन जिला संयोजक कमलेश चौबे ने किया। पूर्व सैनिक कैप्टन वीके मिश्रा, लान्स नायक रामश्रृंगार, हवलदार के0के0 गिरी, सुबेदार मानिकचन्द्र जी, सिपाही धर्मवीर सिंह, सदानन्द यादव जी का मुख्यअतिथि अनामिका चौधरी व भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल गुप्ता द्वारा अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।

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संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा अनामिका चौधरी ने कहा कि 26 जुलाई का यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। आज हम सब यहाँ कारगिल विजय दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह वह दिन है जब 1999 में, हमारे वीर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए,

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कारगिल की दुर्गम चोटियों पर घुसपैठ करने वाले दुश्मनों को खदेड़ दिया था। और ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देकर तिरंगे की शान को फिर से स्थापित किया था। कारगिल युद्ध, जो 1999 के मई से जुलाई तक चला, भारतीय सेना के लिए एक असाधारण चुनौती थी। हमारे सैनिकों को अत्यधिक ऊँचाई, बर्फीले मौसम और कठिन पहाड़ी इलाकों में लड़ना पड़ा। दुश्मन ऊँची चोटियों पर बैठे थे,

जबकि हमारे जवानों को नीचे से ऊपर की ओर चढ़ाई करते हुए, गोलियों और तोपों के गोले का सामना करना पड़ा। लेकिन हमारे बहादुर जवानों ने हार नहीं मानी। उन्होंने पहले तिरंगा, फिर जीवन के मंत्र को आत्मसात करते हुए, अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों का सामना किया।

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इस युद्ध में, हमने अपने कई वीर सपूतों को खोया, जिन्होंने देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान दिया। कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, राइफलमैन संजय कुमार और ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जैसे अनगिनत नायकों ने अपनी वीरता से इतिहास रच दिया। उनकी शहादत हमें याद दिलाती है कि हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा कितनी अनमोल है।

कारगिल विजय दिवस केवल एक युद्ध में मिली जीत का जश्न नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ बलिदान को याद करने का दिन है। यह हमें सिखाता है कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं।

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संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिक 130 करोड़ भारतीयों और देश के सीमांओ की सुरक्षा का जूनून लेकर भारतीय सेना मे शामिल होते है, भारतवर्ष का इतिहास हमारे अमर जवानो की अदम्य वीरता त्याग और बलिदान की कहानियों से भरा पड़ा है।

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भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की भारतीय जनता पार्टी देश के वीर जवानों व उनके परिवार के कल्याण के प्रति पूर्ण रुप से समर्पित है। कारगील युद्ध में विषम परिस्थितियों मे हमारे जवानों ने अभूतपूर्व बलिदान देकर जिस तरह से पाकिस्तान को खदेड़ा उनका जितना भी सम्मान किया जाय वह कम है।

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संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल जी ने कहा कि हमें अपने सैनिकों पर गर्व है, जो हर पल हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं ताकि हम चैन की नींद सो सकें। आइए, हम सब मिलकर उन सभी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके परिवारों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। अदम्य साहस और शौर्य की गाथाएँ हमारे भारतीय सैनिकों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।

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उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना, भारत माता की जय के उद्घोष के साथ, एक-एक चोटी को दुश्मन से मुक्त कराया।  संगोष्ठी को अनुसूचित आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद ने भी संबोधित किया।

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कार्यक्रम में मुख्यरुप से नागेश्वर देव पाण्डेय, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, धर्मवीर तिवारी, अजीत चौबे, प्रबंधक अखिलेश मिश्रा, कृष्णमुरारी गुप्ता, ओमप्रकाश दूबे, संतोष शुक्ला, अनूप तिवारी, रामबली मौर्या, दिलिप चौबे, विनय श्रीवास्तव, रामनिवास तोमर, मीनू चौबे, अनिल सिंह, शंम्भू नारायण सिंह, रजनीश रघुवंशी, बलराम सोनी, अतुल पाण्डेय, किरन त्रिपाठी, प्रमिला जायसवाल, मंजू गिरी सहित आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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