HIGHLIGHTS
- पशु तस्करों ने बेच दी सोलह भैंस, कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- घटना के एक माह बाद भी मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ
- डूमरहर व शीश टोला के रास्ते सक्रीय है पशु तस्कर
बभनी, सोनभद्र। विकास खण्ड बभनी के सेमरिया गांव निवासी किसानों के 16 पशुओं को पशु तस्करों ने बेच दी। ग्रामीणों ने पशु तस्करों की पहुंचान भी कर ली बावजूद इसके आज तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। हालत यह है कि ग्रामीणों को अब दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई है।

विकास खण्ड बभनी के बचरा ग्राम पंचायत के सेमरिया गांव पशु के कारोबार पर जीवकोपार्जन करने वाला परिवार दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है सेमरिया गांव निवासी गजाधर व गया प्रसाद सहित एक अन्य किसान की 16 भैंस पशु तस्करों की भेंट चढ़ गई। 18 जून को सेमरिया गांव के किसानों की सोलह भैंस गायब हो गई। जब भैंस घर नहीं आई तो किसानों ने भैंसों की खोजबीन शुरु किया।

लेकिन भैंसों का पता नहीं चला। कुछ दिनों बाद किसानों को भैंसों को ले जाने वाले तस्करों की पहचान हो गई। लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक तस्करों को पुलिस पकड़ नहीं सकी न तो इन तस्करों पर मुकदमा ही दर्ज किया गया। ग्रामीण किसान अब जगह जगह अपनी पीड़ा लिए घुम रहे। किसानों की मानें तो लाखों की भैंस रोजगार के मुख्य साधन थे।

चोरो के शिनाख्त के बाद भी पुलिस का आरोपियों को न पकड़ पाने के कारण लोगों में तरह तरह की चर्चा भी है वहीं पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विकास खण्ड के छत्तीसगढ़ सीमा के शीश टोला, डूमरहर गांव के समीप जंगलों में आज भी पशु तस्करों का अड्डा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।

क्षेत्र के बड़होर गांव सहित डूमरहर गांव में तस्करों का फैला जाल
बभनी। विकास खण्ड के बडहौर और डूमरहर गांव तक पशु तस्करों के जाल का नेटवर्क का फैला हुआ है इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती गांव में भी पशु तस्करों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है जोकि समय समय पर सक्रिय हो जाता है।
सूत्रों की मानें तो तस्कर अपनी जान पर खेल कर यह कारोबार करते हैं रात के अंधेरा व कुछ लोगों की मिली भगत से यह कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। तस्करों पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण भी अपना नेटवर्क तेजी से फैला रहे हैं।



























