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- जिलाधिकारी ने नागरिक सुरक्षा संगठन (सिविल डिफेंस) के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ की बैठक

सोनभद्र। जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने नागरिक सुरक्षा संगठन (सिविल डिफेंस) के सम्बन्ध में कलेेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक किये, बैठके दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियो को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद सोनभद्र में सिविल डिफेंस का शुभारंभ हो गया है।
इसमें अब तक जो भी आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, उनका पुलिस के माध्यम से सत्यापन की कार्यवाही सुनिश्चित कर ली जाये, उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस जुलुस, धार्मिक आयोजन, युद्ध, प्राकृतिक आपदा के समय आपात कालीन स्थिति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है,

सिविल डिफेंस प्रशासन और नागरिक के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होता है, 1962 में भारत-चीन के युद्ध के समय सिविल डिफेंस की शुरूआत की गयी थी, सिविल डिफेंस के नोडल अधिकारी जनपद में उप जिला मजिस्ट्रेट मुख्यालय प्रमोद तिवारी हैं, सिविल डिफेंस में सम्मिलित होने के लिए व्यक्ति को आवेदन पत्र जमा करना होगा, जो व्यक्ति समाज सेवा से जुड़ना चाहते हैं,

वह अपना आवेदन पत्र भरकर जमा कर सकते हैं, आवेदन के पश्चात व्यक्ति का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जायेगा, पुलिस वेरीफिकेशन पश्चात व्यक्ति को परिचय पत्र जारी किया जायेगा, सिविल डिफेंस में कोई भी व्यक्ति जो किसी राजनैतिक दल से सम्बन्ध न रखता हो, वह आवेदन कर सकता है, जनपद स्तर पर एक व्यक्ति का चयन किया जायेगा, जिसको चीफ वार्डन का पद दिया जायेगा,

इसके अतिरिक्त जो भी व्यक्ति का चयन होगा, वह वार्डेन पद पर चयनित होंगें। सिविल डिफेंस के नागरिकों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण भी दिये जायेंगें, प्रशिक्षण का खर्च सरकार/सम्बन्धित संस्थान द्वारा वहन किया जायेगा, इस पद पर चयनित व्यक्ति को किसी प्रकार का मानदेय देय नहीं होगा, यह सेवा पूर्णतया निःशुल्क है।

किसी भी प्रकार की दैवीय आपदा, महामारी, एक्सीडेंट, आगजनी, परिवहन सेवा आदि से सम्बन्धित किसी प्रकार की समस्या होने पर सिविल डिफेंस के लोग अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं। नागरिक सुरक्षा संगठन की देख-रेख के लिए अधिकारी, क्लर्क व अन्य कार्मिक नियुक्त होते हैं और इनके पास बहुत सामग्री होती है

जैसे सायरन, स्वास्थ्य चिकित्सा के लिए स्टैªक्चर आदि सुविधा उपलब्ध होता है, इनके पास अग्निशमन के भी सामग्री/उपाय होते हैं, इनका उद्देश्य होता है कि जीवन की रक्षा करना, सम्पति को सुरक्षित रखना, उत्पादन की निरन्तरता बनाये रखना और जनता की मनोबल को बढ़ाये रखना।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी घोरावल, उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र कुमार भदौरिया, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।


























