HIGHLIGHTS
- 6 बाल श्रमिक को पुलिस ने कराया मुक्त, दो तस्कर गिरफ्तार
- बाल तस्करी व बाल श्रम के विरुद्ध जनपद पुलिस की बड़ी कार्यवाही
- रेलवे पुलिस की सूचना पर किया कार्रवाई
- सीडब्ल्यूसी ने बाल श्रमिकों की काउंसिलिंग करके परिजनों को सौपा
कुशाग्र कौशल शर्मा
सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर मानव तस्करी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति एवं बच्चों के शोषण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को चोपन थाना पुलिस द्वारा रेलवे सुरक्षा बल चोपन से प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करते हुए बाल तस्करी की एक गंभीर साजिश का भंडाफोड़ किया गया।
थाना चोपन पर रेलवे सुरक्षा बल चोपन द्वारा दूरभाष से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति कुछ नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से अवैध रूप से अन्यत्र ले जाने की फिराक में हैं।

इस सूचना पर थाना उप निरीक्षक प्रशांत कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल रेलवे स्टेशन चोपन पहुंचे तथा मौके पर मौजूद दो संदिग्ध व्यक्तियो विक्रम नायक पुत्र मुन्ना उम्र लगभग 22 वर्ष और चुलबुल नायक पुत्र मुन्ना उम्र लगभग 23 वर्ष निवासीगण ग्राम गुरमुरा, थाना चोपन को रोका गया।

इन दोनों ने पूछताछ एवं जाँच के दौरान उनके कब्जे 06 नाबालिग बच्चे बरामद किए गए, जिन्हें बहलाकर एवं प्रलोभन देकर जबरन बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा था। इन नाबालिग बच्चों को श्रमिक के रूप में कार्य के लिए बाहर ले जा रहे थे। यह कृत्य बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है।

जिस पर चोपन पुलिस द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत उक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। इस संबंध में थाना चोपन पर धारा 143 (2) BNS व 79 किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण अधिनियम, 2015) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करते हुए दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है।





























