सोनभद्र जनपद समृद्ध जनजातीय विरासत और अटूट आत्मबल का प्रतीक- केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके

HIGHLIGHTS

  • धरती आबा जनजातीय अभियान के तहत जागरुकता एवं जनजातीय सशक्तिकरण शिविर कार्यक्रम का भव्य तरीके से पंचायत रिसोर्स सेन्टर में हुआ समापन

सोनभद्र। धरती आबा जनजातीय अभियान के तहत जागरुकता एवं जनजातीय सशक्तिकरण शिविर कार्यक्रम का भव्य समापन सोमवार को पंचायत रिसोर्स सेन्टर विकास भवन में किया गया, समापन कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री भारत सरकार दुर्गादास उईके, राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग संजीव कुमार गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलन कर व बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण कर किये। इस दौरान कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय के छात्राओं द्वारा सरस्वती वन्दना व स्वागत गीत, करमा नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति की गयी।

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इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री भारत सरकार दुर्गादास उईके ने उपस्थित जनमानस व विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा कार्यक्रम की शुरुआत की थी, धरती आबा एक योजना नहीं बल्कि यह एक विजन है,

जिसमें समाज के अति पिछड़े जनजाति बाहुल्य गांवों में 17 विभागों द्वारा मिलकर समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा में जोड़ने हेतु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज इस पवित्र भूमि सोनभद्र पर आकर, आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत हर्ष और गौरव की अनुभूति हो रही है, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि में सोनभद्र की पवित्र धरती पर उपस्थित हूं एक ऐसा जिला जो समृद्ध जनजातीय विरासत और अटूट आत्मबल का प्रतीक है।

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आज का यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जनजातीय सशक्तिकरण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने का है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सरकार के उस संकल्प का प्रतीक है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर आधारित है।

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आज हम यहाँ धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़े हैं, जहाँ हम अपने जनजातीय समाज के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहरा रहे हैं। धरती आबा जनभागीदारी अभियान आजादी के बाद का सबसे बड़ा जनजातीय सशक्तिकरण अभियान है।

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यह अभियान 15 जून को प्रारंभ हुआ और 14 जुलाई को आज परिवर्तन की ऐतिहासिक गाथा रची गई। इस अभियान में शासन 520 जनजातीय बहुल जिले, 2700 विकास खंड, 52.000 ग्राम स्तरीय शिविर, 1.36 करोड़ जनजातीय नागरिकों की भागीदारी, प्रत्यक्ष लाभ जनजातीय नागरिकों तक पहुंचा।

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इसके साथ ही 11.5 लाख आधार नामांकन/संशोधन, 9.5 लाख आयुष्मान भारत कार्ड जारी, 3.8 लाख नए जनधन खाते खोले गए, 4.2 लाख किसान लाभान्वित (पीएम किसान), 7.37 लाख सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग, 30 दिनों में वह कार्य हुआ जो पहले वर्षों में होता था।

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उन्होंने कहा कि जब हम जनजातीय समाज के उत्थान की बात करते हैं, तो हमें आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके जटूट संकल्प को याद करना होगा। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा जनजातीय समुदायों को देश के विकास की मुख्यधारा में लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

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उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि जनजातीय समाज केवल लाभार्थी न रहे, बल्कि राष्ट्र निर्माण में एक सक्रिय भागीदार बने, उनका मानना है कि जनजातीय का गौरव ही राष्ट्र गौरव है। इसी सोच के साथ, हमारी सरकार ने जनजातीय कल्याण के लिए कई अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।

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प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनधन), जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, देश के सबसे वंचित और दूरस्थ जनजातीय समूहों, विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। यह अभियान उन लाखों भाई-बहनों के जीवन में बदलाव लाने के लिए शुरू किया गया है, जो दशकों से विकास की दौड़ में पीछे छूट गए थे।

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प्रधानमंत्री ने स्वयं इस अभियान की शुरुआत की और यह सुनिश्चित किया कि सरकार की हर योजना का लाभअंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पीएम जनधन के तहत, हम शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क संपर्क, सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, और आजीविका के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर कोने में रहने वाले हमारे जनजातीय भाई-बहनों को भी वे सभी मूलभूत सुविधाएँ मिलें, जो किसी भी जन्य नागरिक को मिलती हैं। यह केवल सरकारी योजनाएँ पहुंचाना नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाता, उन्हें सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें सशक्त बनाना है।

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उन्होंने कहा कि बजट में वृद्धि, व पिछले एक दशक में मंत्रालय का बजट 4,000 करोड़ 12,000 करोड़ तक बड़ चुका है, योजनाओं में शिक्षा में क्रांति, 476 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 30 लाख छात्रवृत्तियों प्रतिवर्ष व एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय यह हमारी सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। देश भर में दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से पुक्त एकलव्य विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि आज हम जिस धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत यहाँ एकत्रित हुए हैं, यह उसी बड़े संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपनी भूमि, अपनी संस्कृति और अपने लोगों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह अभियान भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरित है और इसका उद्देश्य जनजातीय गाँयों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।

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इसी प्रकार से अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोई भी विकास तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी न हो। यह अभियान जनजातीय समुदायों को अपनी आवश्यकताओं को पहचानने, अपनी समस्याओं का समाधान खोजने और अपने विकास की दिशा तय करने में सक्षम बनाता है। इसमें ग्राम सभाओं को सशक्त किया जा रहा है, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यह अभियान जनजातीय गाँवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण के केंद्र के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है। यह अभियान शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य, विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभायी है। विटामिन और फूड सप्लीमेंट खरीदें

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद रूबी प्रसाद, श्रवण कुमार गौंड, संजय गोंड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभित्र योजनाओं के लाभार्थियों को मंत्री ने स्वीकृति प्रमाण-पत्र का वितरण भी किये, प्रधान मंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग जन प्रमाण-पत्र, स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय स्वीकृति पत्र व वनाधिकार पट्टे की खतौनी सहित विभित्र स्वीकृति प्रमाण-पत्र का वितरण किये। इस दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टाल का भी निरीक्षण किये।

इस अवसर पर जिलाधिकारी बीएन सिंह, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, उपाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग जीत सिंह खरवार, संजय गोड़ अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रदेश अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूबी प्रासद, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा सिंह, जिला महामंत्री भाजपा कृष्ण मुरारी गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा, श्रवण गौड़, सहित सम्मानित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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