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- 275 परिषदीय स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं
सोनभद्र। परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कर अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके बावजूद करीब 275 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग और पक्के रास्ते नहीं हैं। कुछ जगह हैं तो वह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।


बारिश के दिनों में मौसम में मेड़ के सहारे पगडंडी और कीचड़ के बीच चलकर बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। अति पिछड़े सोनभद्र जिले में 2061 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। 14 नए स्कूलों का भी संचालन हो रहा है

जनपद नीति आयोग के प्राथमिकता वाले जिले में शामिल है। प्रशासन और शिक्षा विभाग स्कूलों को लैब, टाइल्स और प्रोजेक्टर से लैस करके उन्हें आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है।

थोड़ी से बारिश पर भी पगडंडी कीचड़युक्त हो जाती है। घुटने भर पानी में घुसकर बच्चों और शिक्षकों को स्कूल आना पड़ता है। नगवां,राबर्ट्सगंज, दुद्धी, चतरा, कोन सहित अन्य ब्लॉकों में ऐसे स्कूलों की भरमार है।

एक ओर जहां स्कूलों तक पक्की सड़क नहीं है या फिर जहां है भी वह उपयोग के लायक नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि हर वक्त डर लगता है कि किसी तरह सही सलामत स्कूल पहुंच जाएं व घर आ जाएं।

























