जिन कार्यदाई संस्थाओं ने काटे सबसे ज्यादा पेड़, वही विभाग पौधरोपण में रह गए पीछे

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  • जिन कार्यदाई संस्थाओं ने काटे सबसे ज्यादा पेड़, वही विभाग पौधरोपण में रह गए पीछे

सोनभद्र। विकास कार्यों के नाम पर सबसे ज्यादा पेड़ पीडब्ल्यूडी, जलनिगम जैसी कार्यदाई संस्थाओं ने काटे हैं, मगर नए पौधे लगाने में यह विभाग दूसरों से पिछड़ गए हैं। आवंटित लक्ष्य की पूर्ति भी नहीं हो पाई है।

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पीडब्ल्यूडी के तीन खंडों में 41100 पौधे लगाने थे, मगर 38 हजार पौधे ही लग पाए। जल शक्ति विभाग को कुल 46600 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, जबकि विभाग 39 हजार पौधा ही लगा सका।

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आवास-विकास, औद्योगिक विकास विभाग की प्रगति भी लक्ष्य से काफी पीछे है। हालांकि यह दलील दी जा रही है कि विशेष दिवस के बाद भी विभागों की ओर से पौधे लगाकर आवंटित लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है।
नौ जुलाई को पूरे प्रदेश में विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया था। इस अभियान में सर्वाधिक 1.58 करोड़ पौधे लगाकर सोनभद्र यूपी में पहले पायदान पर है। जिले में वन विभाग के चार खंडों ने 86.99 लाख पौधे रोपे तो अन्य 23 विभागों की मदद से 71.88 लाख पौधे रोपे गए हैं।

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अधिकांश विभागों ने अपने आवंटित लक्ष्य से ज्यादा पौधे रोपे हैं, मगर निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाएं इस मामले में पीछे रह गई हैं। सड़क बनाना हो, भवन बनाना हो या कोई अन्य विकास कार्य करना हो। इन विभागों की ओर से ही सबसे ज्यादा हरियाली पर आरा चलवाया जाता है, लेकिन पौधरोपण में वह पीछे रह गए।

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इन विभागों ने लगाए सबसे ज्यादा पौधे
पौधा लगाने के मामले में वन विभाग के बाद ग्राम्य विकास विभाग सबसे आगे है। ग्राम्य विकास विभाग को 35.95 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य आवंटित था। विभाग ने शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। इसके बाद कृषि विभाग ने 11.42 लाख के सापेक्ष 14.36 लाख, पर्यावरण विभाग ने 441000 के सापेक्ष 486000, रेलवे ने 33000 के सापेक्ष 55100, रक्षा विभाग ने 13000 के सापेक्ष 16300, पंचायती राज ने 3.65 लाख पौधे रोपकर अपना लक्ष्य पूरा किया।

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यह विभाग लक्ष्य से रह गए पीछे:
विभाग: लक्ष्य: पौधरोपण
पीडब्ल्यूडी: 41100: 38000
सिंचाई: 23300: 19500
जलनिगम: 23300: 19500
आवास विकास: 16800: 5500
औद्योगिक विकास: 28500: 20000
उद्योग: 32700: 15000
बेसिक शिक्षा: 43400: 36000
परिवहन: 6300: 5300
नोट: आंकड़े वन विभाग की ओर वन महोत्सव के हैं

कई गांवों में डंप पड़े, कहीं पहुंचे ही नहीं पौधे
पौधरोपण के आंकड़ों में बड़े पैमाने पर घालमेल भी है। एक तरफ सरकारी आंकड़ों में नौ जुलाई को ही 1.58 करोड़ पौधे रोपे जा चुके हैं तो दूसरी ओर अभी भी कई इलाकों में पौधे लगाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 3.65 लाख पौधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोपे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिन्हें पर्याप्त पौधे ही नहीं मिले हैं।

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जिन गांवों में पौधे भेजे गए, वहां भी उन्हें रोपने की बजाय पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर छोड़ दिया गया है। जगह-जगह डंप पड़े पौधे देखकर लोग भी कागजी कोरमपूर्ति को लेकर हतप्रभ हैं। चतरा ब्लॉक के रामगढ़ में ही कई जगह सैकड़ों पौधे डंप पड़े हैं। नगवां ब्लॉक के भी एक गांव में नर्सरी से लिए गए पौधों को पेड़ के नीचे फेंक दिया गया है।

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के तरावां गांव में शनिवार को नर्सरी से पौधे ले जाया गया। वहीं लोढ़ी में किसानों को पौधे उपलब्ध नहीं हो पाए थे। सेक्रेटरी के मुताबिक किसान फलदार पौधे चाह रहे हैं, जो नर्सरी से उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।

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अधिकारियों ने क्या कहा…
पीडब्ल्यूडी के तीनों खंडों ने पौधरोपण के लिए आवंटित लक्ष्य को पूरा कर लिया है। पहले 38 हजार पौधे लिए गए थे। बाद में तीन हजार की खेप दोबारा ली गई है। कुल 41100 पौधे सुरक्षित ढंग से रोपे गए हैं। इनकी निगरानी भी कराई जा रही है। –शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।

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विभाग को 3.65 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य के बराबर इंडेंट खारिज कराया गया है, यानि इतने पौधे लगाने ही हैं। ज्यादातर स्थानों पर पौधे लग भी चुके हैं। संभव है कि कुछ जगहों पर पौधे न पहुंचे हो या अभी लग रहे हों तो इसके पीछे कामकाज का दबाव है। कई अन्य विभागों के पौधरोपण की जिम्मेदारी भी सचिव व प्रधान पर ही है। वह तालमेल बनाकर कार्य कर रहे हैं।
सुमन पटेल, एडीपीआरओ, तकनीकी।

वन महोत्सव के तहत जिले को 1.54 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 1.58 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। संबंधित विभागों को नर्सरियों से पौधे दिए जा चुके हैं। पौधरोपण के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की है। सभी पौधों की जियो टैगिंग भी कराई जा रही है। कई विभागों ने लक्ष्य से भी ज्यादा पौधरोपण किया है।
-आशुतोष जायसवाल, डीएफओ, रॉबर्ट्सगंज।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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