HIGHLIGHTS
- DM बी.एन. सिंह के नेतृत्व 1 करोड़ 58 लाख 88 हजार 285 पौधे लगाकर सोनभद्र बना प्रदेश में नं० 1
- अयोध्या से शुरू हुआ “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने पूरे प्रदेश में हरियाली की नई इबारत लिखी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए महज 12 घंटे में 37.21 करोड़ पौधे लगाकर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सरयू नदी के तट पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की शुरुआत करते हुए बरगद, नीम और पीपल के पौधे रोपे, जबकि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बाराबंकी में त्रिवेणी का पौधा लगाकर इस मुहिम को गति दी।

सोनभद्र ने किया शानदार प्रदर्शन
शासन द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, सोनभद्र जिले ने सबसे अधिक 1 करोड़ 58 लाख 88 हजार 285 पौधे लगाकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह के नेतृत्व में पूरे प्रशासनिक तंत्र ने अथक प्रयास कर इस अभियान को सफल बनाया। उनके मार्गदर्शन में जिले के हर कोने में हरियाली फैलाने का संकल्प पूरा हुआ।

प्रदेश के अन्य जिलों का योगदान
झाँसीः जिलाधिकारी मृदुल चौधरी के नेतृत्व में 99,51,686 पौधे लगाए गए ।
लखीमपुरः जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के नेतृत्व में 96,75,100 पौधारोपण हुआ।
जालौनः जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में 95,66,224 पौधे लगे।
मिर्जापुरः जिलाधिकारी प्रियंका रंजन के नेतृत्व में 99,56,290 पौधे लगा कर प्रदेश में स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, अधिकारियों और जनता के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आने वाली पीढियां को स्वच्छ और हरित भविष्य देने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे हरा-भरा राज्य बनाना है, और आज का दिन इस दिशा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।”

जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह का संदेश
सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कहा, “यह उपलब्धि पूरे जिले के लोगों और प्रशासनिक टीम की मेहनत का परिणाम है। हमने न केवल पौधे लगाए हैं, बल्कि उनकी देखभाल का भी पूरा प्रबंधन किया है ताकि ये पेड़ बन सकें और पर्यावरण को संतुलित करने में मदद कर सकें।”
इस अभियान से प्रदेश भर में जन-जन को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का संदेश मिला है। सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में प्रदेश का हरित आवरण बढ़ाकर 30% तक पहुँचाना है।


























