HIGHLIGHTS
- स्मरणोत्सव के रूप आपातकाल के 50 वें वर्ष को मना रही सरकारः भूपेश चौबे
- संगोष्ठी और अन्य तरीके से वर्ष भर चलेगा विविध कार्यक्रम
सोनभद्र। आपातकाल दिवस के अवसर पर जनपद मुख्यालय पर त्रासदी/ विपत्तियों से जुड़ी संगोष्ठी का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि आज भारत के लोकतांत्रित इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक आपातकाल लागू होने के 50 साल पूरे हो गये,

सरकार संविधान के मूल्यों को और मजबूत करने और विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस आपातकाल की विभिषिका को देशवासी कभी नहीं भूल सकते और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहेंगे।

इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार कैनवास सेट स्थापित किया गया था, जिस पर विधायक सदर भूपेश चौबे, पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल, नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) ल सहदेव कुमार मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित उपस्थित शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं व जनमानस ने हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर विधायक सदर ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज 25 जून को राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगाँठ मनायी जा रही है। यह न केवल आपातकाल के स्मरण का अवसर है, अपितु गहन चिंतन और लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों के प्रति नई प्रतिबद्धता का अवसर भी है। सरकार इसे स्मरणोत्सव के रूप में 25 जून से 25 जून, 2026 तक एक वर्ष तक मनाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिज्ञा लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प है, विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है, देशवासी आपातकाल की भिविषिका को कभी नहीं भूल सकते और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहेंगें।

संविधान की वजह से ही देश का लोकतंत्र कायम है, हमें संविधान की वजह से ही समाज में बोलने के लिए पूर्ण अधिकार प्राप्त है, हम अपनी बातों को स्वतंत्र रूप से रख सकते हैं, 25 जून 1975 को आपातकाल के अवसर पर विपक्ष के नेताओं के साथ अनेक प्रकार से दुव्यवहार किये गये, जेल भेजने का कार्य भी किया गया।

इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय है, इस दौरान सत्ता पर संकट, आपातकाल आहत, महंगाई और असंतोष का महौल बना रहा, देश के मा० प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण ने भी अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आपातकाल पर आधारित डाक्यूमेन्ट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया। वही देशभक्ति गीत, लोकतंत्र और देशभक्ति की थीम जुड़े गीत बजाये गये। जनपद के विभित्र विद्यालयों में भी संगोष्ठी, वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।























