HIGHLIGHTS
- निजी अस्पताल मे 18 वर्षीय युवक की मौत, परिजनो का हंगामा, अस्पताल सील
- बभनी क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सक और अवैध निजी अस्पतालों की भरमार
- स्वास्थ्य विभाग बना मूकदर्शक
- मामला नधिरा गांव का
बभनी, सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक की गुरुवार को निजी अस्पताल में मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया तो अस्पताल कर्मचारियों ने अस्पताल में ताला लगाकर फरार हो गए।


थाना क्षेत्र के नधिरा गांव निवासी रुपेश पुत्र लक्ष्मण 18 वर्ष तीन दिन पहले घरेलू विवाद में जहर खा लिखा था। जिसे आनन-फानन में दलालों ने बभनी के घसिया बस्ती में स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार चल रहा था। आज सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर चिकित्सको ने रेफर कर दिया लेकिन कुछ ही देर में युवक की मौत हो गयी।

वही परिजनों ने बताया कि बगैर चिकित्सक के ही उपचार करते रहे और तीन दिनों बाद गम्भीर होने पर रेफर कर दिया। हंगामा होता देख अस्पताल कर्मियों ने ताला बन्द कर रफ्फू चक्कर हो गये। जब अस्पताल के बाहर लिखे नम्बरों पर सम्पर्क किया गया तो फोन ही नहीं उठा।

बताते चले कि इन दिनों रेवडी की तरह क्षेत्र में अस्पताल बेरोकटोक खुल रहे हैं। इसके साथ ही होम्योपैथी अस्पताल के नाम पर मरीजों को भर्ती कर ड्रीप चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे लोग पर कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है।

पन्द्रह दिनों में तीन लोग मासुम की मौत
इस क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में उपचार करा रहे तीन मासूमो की जिन्दगी चली गई और आज तक कोई पड़ताल नही किया गया और विभाग शिकायत का इन्तजार कर रहे हैं। जिससे झोलाछाप चिकित्सक मनमानी उपचार कर रहे है जिसको लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं अधिकारियों के दौड़ा के पहले अस्पताल में ताले लग जा रहा है सूत्रों की मानें तो अस्पताल दो सौ रुपए मरीज के कमीशन पर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।

एक साल पहले भी अस्पताल हो चुका सीज
बभनी के घसिया टोला में संचालित निंजि अस्पताल नाम बदल-बदल कर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। एक वर्ष पहले भी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद अस्पताल सीज हुआ था फिर छ माह से विभाग की सह पर धड़ल्ले से अस्पताल संचालित हो रहा है और गुरुवार को चिकित्सकों की लापरवाही में एक और मासूम की जिन्दगी ले ली। मृतक के पिता लक्ष्मण की मानें तो तीन दिनों तक उपचार के बाद रेफर कर रहे हैं दवा उपचार का पैसा लिया अगर मरीज ठीक नहीं था तो भर्ती ही नहीं करना था।

बोले जिम्मेदार :- गुलाब शंकर यादव अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक से घटना की जानकारी मिली तो मैंने अस्पताल को सील करने का निर्देश दिया है इसके बाद कार्यवाही किया जाएगा
























