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- बाइक सवार तीन युवकों को तेज रफ्त्तार वाहन ने रौंद डाला, दो की मौत
सोनभद्र। जिले के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक और रहस्यमय सड़क हादसे ने सनसनी फैला दी है। इस घटना में बाइक सवार तीन युवकों को एक तेज रफ्त्तार वाहन ने रौंद डाला, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मरने वालों में एक नाम चंदन तिवारी का है, जो विश्व हिंदू महासंघ मातृ शक्ति की प्रदेश मंत्री सुमन सिंह पटेल का छोटा भाई था। वहीं, दूसरा मृतक युवक राजेश कहार बताया गया है, जबकि चंदन पांडेय नामक युवक इस दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल हो गया है।

घटना के बाद एक अज्ञात पिकअप तीनों को जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गई, जिसने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है। परिजनों का कहना है कि यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। मृतक की बहन सुमन सिंह पटेल ने सीधे तौर पर इस पूरे घटनाक्रम को साजिश करार देते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 30 मई को भी उनके भाई चंदन तिवारी को अपहरण कर मारपीट की गई थी और मरा समझकर गड्ढे में फेंक दिया गया था।

पुलिस ने उस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली थी लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच बदमाशों ने चार दिन पहले चंदन को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी जानकारी रॉबर्ट्सगंज और पत्रूगंज थानों को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

आज जब यह घटना हुई तो परिवार वालों के होश उड़ गए। परिजनों का मानना है कि यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो आज यह घटना नहीं घटती। चंदन तिवारी की बहन सुमन सिंह का साफ कहना है कि पुलिस की लापरवाही ने उनके भाई की जान ले ली। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने पहले हमला किया, वहीं लोग आज उसे ट्रैक्टर या किसी अज्ञात वाहन से कुचलकर मार डाले और अब इसे महज हादसा बताकर मामले को रफा-दफा किया जा रहा है।

उधर, पुलिस का कहना है कि यह मामला अभी जांच में है। एएसपी अनिल कुमार ने बताया कि मृतक चंदन तिवारी, चंदन पांडेय और राजेश कहार एक ही बाइक पर सवार होकर शाहगंज से रॉबर्ट्सगंज की ओर आ रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।

इसमें दो युवकों की मौत हो गई और एक घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने इसे साजिशन हत्या बताया है, इसलिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल चंदन तिवारी की मौत से परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा है। बहन की चीखें व्यवस्था से सवाल पूछ रही हैं, क्या किसी की जान इतनी सस्ती हो गई है कि हत्या को भी हादसा कहकर दफना दिया जाएगा? क्या पुलिस की निष्क्रियता किसी निर्दोष की मौत की जिम्मेदारी नहीं बनती? यह हादसा नहीं, सिस्टम की नाकामी और एक परिवार के सपनों की बेरहमी से कुचल दी गई कहानी है।

























