अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर निकाली गई जन- जागरूकता रैली, “बचपन बचाओ, शिक्षा दिलाओ” के लगे नारे

HIGHLIGHTS

  • बाल श्रम मुक्त सोनभद्र के संकल्प के साथ निकली जागरूकता रैली

सोनभद्र। “बचपन बचाओ, शिक्षा दिलाओ” जैसे प्रेरक नारों के साथ बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर नगर में एक प्रभावशाली जन-जागरुकता रैली निकाली गई। इस रैली का आयोजन श्रम विभाग द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य था जनपद को बाल श्रम से मुक्त करने की दिशा में लोगों को जागरूक करना।

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रैली की शुरुआत स्वर्ण जयंती चौक से हुई, जिसमें श्रम प्रवर्तन अधिकारी रॉबर्ट्सगंज शिवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए बाल श्रम के खिलाफ संदेश दिया। रैली के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य कराना कानूनन अपराध है, और इसके लिए संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बालकों की सुरक्षा, शिक्षा और विकास के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के साथ-साथ थाना एएचटी और जिला प्रोबेशन कार्यालय की संयुक्त टीम बाल श्रम के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

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अब तक कई छापेमारी कर दर्जनों बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया है। सिंह ने आश्वस्त किया कि इस तरह की रैलियों और जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से जल्द ही बाल श्रम मुक्त सोनभद्र का सपना साकार होगा। उन्होंने अपील की कि समाज के सभी नागरिक, बाल श्रम को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करें।

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शिवेंद्र सिंह ने आश्वस्त किया कि इस तरह की रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जल्द ही बाल श्रम मुक्त सोनभद्र का सपना साकार होगा। उन्होंने अपील की कि समाज के सभी नागरिक, बाल श्रम को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करें।

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रैली में थाना एएचटी के निरीक्षक जय सिंह, जिला प्रोबेशन कार्यालय से गायत्री दूबे, श्रम विभाग के कर्मचारी रिश मोहम्मद, संजय मिश्रा और दीपक मदक सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।

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यह रैली न केवल बाल श्रम के विरुद्ध एक मजबूत संदेश थी, बल्कि समाज को यह भी याद दिलाने का प्रयास था कि बच्चों का स्थान स्कूल में है, न कि श्रम स्थलों पर।

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