हैवी ब्लास्टिंग से मकानों की दीवारों में पड़ रही दरारें, SDM ने ग्रेनाइड पत्थर खदान का किया निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • एसडीएम ने ग्रेनाइड पत्थर खदान का किया निरीक्षण, संयुक्त टीम करेगी जांच
  • हरे पेड़ो की कटान और हैवी ब्लास्टिंग की शिकायत पर किया निरीक्षण
  • हैवी ब्लास्टिंग से कई मकानों की दीवार में आई दरार
  • वन विभाग और खनिज विभाग की संयुक्त टीम एक सप्ताह में सौंपेगी रिपोर्ट


दुद्धी, सोनभद्र। गुरुवार को स्थानीय तहसील क्षेत्र के जताजुआ ग्रेनाइड खदान के आसपास दर्जनों हरे पेड़ कटने की शिकायत के बाद  एसडीएम निखिल यादव ने निरीक्षण किया।

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निरीक्षण के दौरान काटे गए हरे पेड़ व ब्लास्टिंग एरिया का निरीक्षण कर जानकारी ली, जिसमें दर्जनों ग्रामीणों ने मिलकर हैवी ब्लास्टिंग से दरक रहीं मकानों की दीवार के बारे में बताया। जिस पर एसडीएम ने सम्बंधित अधिकारियों को जांच के लिए निर्देशित किया।

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तहसील मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर और महुअरिया रेलवे स्टेशन से महज 500 मीटर की दूरी पर जाताजुआ बघमन्दवा गांव में ग्रेनाइड पत्थर खदान में लगातार हैवी ब्लास्टिंग से कई मकान जद में आ गए, इस तेज ब्लास्टिंग से ग्रामीण विनोद यादव के घर की दीवार में दरारें आ गई हैं।

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यही अम्बिका प्रसाद यादव पुत्र स्व जादव प्रसाद ने कहा कि घर से महज 70 मीटर की दूरी पर पत्थर खदान है और हैवी ब्लास्टिंग से हमारे घर की दीवार फट गयी है, जबकि उसने दो साल पहले मकान बनवाया था।

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ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि पत्थर खदान में इस तरह की ब्लास्टिंग हुई तो हमारे घर के अलावा आबादी के दर्जनों मकान ढह जाएगा। गांव के राजेश, सुरेश, हरिशंकर, उदय प्रताप ने बताया कि बीते एक साल पहले से यहाँ ब्लास्टिंग किया जा रहा है। पहले धीमी गति से ब्लास्ट किया जा रहा था लेकिन बीते तीन महीने पूर्व से कई बार बड़े आकार में ब्लास्टिंग हुई है। जिससे हमारे घर के मकान व बाउंड्रीवाल में दरारें आ गई है।

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वही कई किसानो के खेतों में बोल्डर के टुकड़े मिले हैं जबकि ब्लास्टिंग के पूर्व गांव में किसी भी तरह की सूचना नही दी जाती है।
एसडीएम निखिल यादव ने बताया कि ग्रेनाइड पत्थर खदान का निरीक्षण कर हरे पेड़ की कटान व ब्लास्टिंग के मद्देनजर खनन व वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जांच करने के लिए टीम गठित कर एक सप्ताह के अंदर जांच पूर्ण करने को निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

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