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- घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर सख्ती, जनजागरूकता अभियान की सोनभद्र से हुई शुरुआत
वेदांश केसरी
सोनभद्र। घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकने और आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत गुरुवार को सोनभद्र में हुई। ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन सोलंके ने बताया कि यह जनजागरूकता अभियान देश के 15 राज्यों के 275 जिलों में 2700 स्वयंसेवकों की मदद से 45 दिनों तक चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत होटल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर लोगों को जानकारी पत्रक वितरित किए जाएंगे।

इनमें यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित है और इसका व्यावसायिक इस्तेमाल कानूनन अपराध है।

उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो रिक्शा और एलपीजी वाहनों में भी घरेलू सिलेंडर का अवैध रूप से उपयोग हो रहा है, जिससे हर साल देशभर में करीब 1000 विस्फोट होते हैं और भारी जान-माल की क्षति होती है। इसके अलावा सरकार को राजस्व का भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।

फाउंडेशन के परियोजना प्रमुख अक्षय मिश्रा और विनय पांडेय ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से न केवल गलत उपयोग करने वालों को जागरूक किया जाएगा, बल्कि उन्हें यह भी बताया जाएगा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग कर कुछ लोग न केवल सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि समाज की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

अभियान के तहत फाउंडेशन के स्वयंसेवक व्यावसायिक स्थलों, ऑटो स्टैंड और अन्य संबंधित स्थानों पर जाकर जानकारी साझा करेंगे और सुरक्षित गैस उपयोग के प्रति जागरुकता बढ़ाएंगे।

यह अभियान केवल कानून के पालन का संदेश नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित समाज और जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में मजबूत कदम है।























