HIGHLIGHTS
- रानी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म शताब्दी धूमधाम से मनाई गई
- सोनभद्र में जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर पर हुआ भव्य आयोजन, 500 से अधिक महिलाओं ने लिया भाग

सोनभद्र। जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर पर शनिवार को रानी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म शताब्दी समारोह बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। ग्राम विकास विभाग, एनआरएलएम और मनरेगा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन एवं गणेश प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई।

इस अवसर पर महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जागृति अवस्थी, उपयुक्त स्वरोजगार सरिता सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर न केवल एक कुशल ग्रहणी थीं, बल्कि एक सफल उद्यमी और सामाजिक सुधारक भी थीं। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई पहली महिला उद्यमी मानी जाती हैं, जिन्होंने खुद साड़ी बनाकर पहनने की परंपरा शुरू की और यह संदेश दिया कि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रेरणा लेते हुए आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया

उपयुक्त सरिता सिंह ने रानी अहिल्याबाई के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद राज्य संचालन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई, जिसे उन्होंने कुशलता से निभाया और एक आदर्श शासक के रूप में उभरीं।

भाजपा जिला अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने रानी अहिल्याबाई के धार्मिक कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने न केवल अपने राज्य में बल्कि अन्य राज्यों में भी मंदिरों का निर्माण कराया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किया।

महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि रानी अहिल्याबाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने सभी महिलाओं को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने भी उनके जीवन पर विस्तार से चर्चा करते हुए महिलाओं को सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित किया। मनरेगा लोकपाल ने भी अहिल्याबाई के योगदानों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की 500 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और रानी अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा प्राप्त की। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 40 महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही बैंक की ओर से 1.5 करोड़ रुपये का डमी सीसीएल लोन चेक महिलाओं को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में आगे
























