HIGHLIGHTS
- पुरुष के समान महिलाओ को खड़ा करना महिला सशक्तिकरण का उद्देश्यः शैलेन्द्र यादव
- विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग सजौर में विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में अपर न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने महिला सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य उन्हें पुरुषों के साथ समान रूप से खड़ा करना है। वही एडवोकेट बिंदु यादव, पुष्पा तिग्गा, शमशेर बहादुर सिंह ने अपने विचार व्यक्त किया।

वही अपर न्यायाधीश शैलेंद्र यादव द्वारा यह बताया गया कि हम सभी जानते हैं कि पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं को हमेशा दबाया गया है, लेकिन जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन बदलता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज में भी परिवर्तन आता है।

संस्थान की डायरेक्टर डॉक्टर अनुपमा सिंह ने बताया कि महिला सशक्तिकरण का मतलब महिला की सक्ति से होता है! आज के समय में हर देश यही चाहता है की उसके देश की महिला खुद अपनी रक्षा कर सके! आज हम सब जानते है ती हमारे समाज की महिलाये किसी भी पुरुष से कम नहीं है।

आज की महिलाये वह सब काम कर रहे है जो पुरुष करते है! अगर बात शिक्षा की करे तो हमारे भारत में हर एक exam और comptition में महिलाये ही top करती है। हमारे देश में नारी का महत्त्व प्राचीन काल से है। प्राचीन काल में हमारे समाज में नारी का बहुत महत्व था।
आज भी बहुत से ऐसे लोग है जो नारी को एक बोझ समझते हैम अगर हम नारी को एक बोझ ना समझते तो हमारे समाज की नारिया ऐसा ऐसा काम कर सकती है। जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते है! हमारे समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे पहले लोगो की सोच को बदलना होगा! और लोगो को ये बताता होगा की आज की नारिया हर एक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

इस कार्यक्रम शिविर में महिला सशक्तीकरण टीम एडवोकेट बिंदु यादव, पुष्पा तिग्गा, शमशेर बहादुर सिंह, फैकेल्टी , दिव्यांशी बोस, वसुंधरा, मैनेजर मनोज कुमार व अन्य छात्राएं उपस्थित रही।



























