HIGHLIGHTS
- राजकीय पीजी कॉलेज ओबरा में बौद्धिक संगोष्ठी सहित हुए विविध कार्यक्रम
- राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर , महिला सशक्तिकरण पर रैली, बौद्धिक संगोष्ठी इत्यादि विविध कार्यक्रमों का किया गया सुंदर आयोजन
सोनभद्र। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों द्वारा सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिन सर्वप्रथम स्वयंसेवकों और स्वयं सेविकाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ संतोष कुमार सैनी द्वारा योगाभ्यास कराया गया।
तत्पश्चात अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सभी कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्वयं सेविकाओं ने ”नारी शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण” अभियान पर अधिग्रहित ग्राम खैराटीया के विभिन्न टोलों की मलिन बस्तियों में विशाल रैली निकाली।
कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्वयं सेविकाओं ने लोगों के घर-घर जाकर ग्रामीणों को बताया कि
भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही हैं। स्वयंसेवियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भ्रूण हत्या बंद करने, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, तथा महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।

तत्पश्चात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त एवं किशोर न्याय बोर्ड सोनभद्र के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि भारत में नारी को शक्ति का स्वरूप माना जाता है और नारी को नारायणी के रूप में ही देखा जाता है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भी नारी को उच्च सम्मान दिलाना तथा भारत को समृद्ध एवं सशक्त बनाना है। उक्त बौद्धिक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने बताया कि हमें महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सचिन कुमार ने कहा कि भारत की महिलाएं आज राफेल जैसे युद्धक विमान को उड़ा रही हैं वहीं पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया में महिलाओं को पर्दे में रखने तथा पढ़ाई से वंचित कर दिया गया है। हमारे वेदों में भी यत्र नारयस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता का उद्धरण है। अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वही देवता भी वास करते हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ संतोष कुमार सैनी ने कहा कि बेटियां भारत की आन, बान और शान है।

पुरुष के साथ जीवन के हर मोड़ पर नारियां सहयोगी और अर्धनारीश्वर के रूप में विद्यमान रहती हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास कुमार ने कहा कि महिला के बिना इस सृष्टि की रचना नहीं की जा सकती तो अन्य बातों को सहज ही समझा जा सकता है। इसलिए महिला का सम्मान होना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सैनी ने किया। स्वागत भाषण डॉ. आलोक यादव ने, शिविर की कार्य योजना डॉ. सचिन कुमार ने तथा आभार ज्ञापन डॉ. विकास कुमार ने प्रस्तुत किया।

बौद्धिक गोष्ठी के पश्चात आयोजित ट्रिपल लेग प्रतियोगिता में
आनंद ग्रुप की अंकित एवं खुशबू ने प्रथम स्थान, रोज ग्रुप की प्रियंका एवं मधु ने द्वितीय स्थान तथा एंजल ग्रुप की नंदिनी एवं अंजलि रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसके पूर्व कल दिनांक 7 मार्च 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने एनएसएस के शिविर में आकर शिविरार्थियों को दहेज मुक्त भारत एवं नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई थी।
उक्त अवसर पर प्रोफेसर राधाकांत पांडेय, प्रो. उपेंद्र कुमार, प्रो .राजेश प्रसाद , डॉ. विनोद बहादुर सिंह, डॉ.अमूल्य कुमार सिंह, डॉ. विभा पांडेय, डॉ.अंजली मिश्रा इत्यादि प्राध्यापकगण, कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर रंजन,

धर्मेंद्र, सरफुद्दीन, कुंदन, इत्यादि कर्मचारी गणों के साथ-साथ नंदनी, निगम उपाध्याय, सृष्टि, अभिषेक, पायल,आनंद, प्रिंस शर्मा, अक्षय चौबे, रोज तिवारी , नीरज, सुधांशु मौर्य, आरिफ, छोटी, अजय इत्यादि भारी संख्या में NSS के 200 स्वयंसेवी उपस्थित रहे l



















