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- एक दिवसीय ‘‘महिला सशक्तिकरण जनजाति समाज’ विषयक संगोष्ठी का हुआ आयोजन
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी एवं जन शिक्षण संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय ‘‘महिला सशक्तिकरण जनजाति समाज’ विषयक संगोष्ठी ग्राम सभा-सभईपुर के सामुदायिक भवन सभागार, हरहुआ, वाराणसी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अथिति मंजू पांडेय, परियोजना पर्यवेक्षक (महिला एवं बाल विकास विभाग) वाराणसी, एवं विशिष्ट अतिथि श्री आनन्द द्विवेदी, निदेशक, जन शिक्षण संस्थान, वाराणसी एवं श्री बृजभान मरावी सचिव, जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी ने गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती जी के चित्र पर मल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का सुभारम्भ किया।
मुख्य अतिथि मंजू पांडेय, परियोजना पर्यवेक्षक (महिला एवं बाल विकास विभाग) वाराणसी, ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, समाज एवं देश का निर्माण कर सकती है। अतः आत्म निर्भर होकर परिवार के संचालन में सहयोग कर सकती है क्योंकि परिवार से ही समुदाय, गांव, जिला एवं देश बनता है। अतः सशक्त परिवार ही सशक्त देश का निर्माण कर सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आन्द द्विवेदी ने कहा कि आत्म निर्भर महिला ही आधुनिक परिवेश से सामंजस्य बैठा सकती है। अतः परिवार को बिखरने से बचाने के लिए स्वयं एवं एक दूसरे का सम्मान करना सीखिए।
इस अवसर पर श्री बृजभान मरावी, सचिव, जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी ने अपने सम्बोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर हम उन हजारों आदिवासी मात्रृ शक्ति के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए उनसे प्ररेणा लेकर आगे आना होगा जिन्होने अपने देश, परिवार, वंश आदि के रक्षा के लिए अंत समय तक भारत भूमि पर अनेक विदेशी आक्रान्ताओं से लड़ कर गुलामी की दशता से आजादी दिलाई।

जिसमें मध्यकाल में महारानी दुर्गावती, रानी कमलापती, फूलो-झानो आदि के योगदान से महिला शक्ति को प्ररेणा लेकर आगे आना होगा। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय, सभईपुर की प्रधानाध्यापिका सारिका श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में महिलाओं से आत्मनिर्भरता के साथ साथ स्वस्थ रहने एवं स्वयं का देखभाल करने के आवश्यकता पर बल दिया। श्री अभिषेक सिंह, कार्यक्रम अधिकारी जन शिक्षण संस्थान ने महिलाओं से अपने सीखे हुए हुनर को किस तरह से अर्थोपार्जन में बदल और कौशल युक्त प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात उद्यमिता की ओर जुड़ जाए।

इसी क्रम प्रशिक्षिका शीला देवी ने बताया कि मेरा केवल यह उद्देश्य रहता है कि प्रत्येक लाभार्थी अच्छे से हुनर मंद हो कर अर्थोपार्जन करे जिससे कि उसे किसी के सामने दो पैसे के लिए हाथ न फैलाना पड़े। इसके वाद प्रशिक्षिका श्रीमती अंजू मौर्या ने लाभार्थियों को अपना कार्य करने हेतु आह्वाहन किया।
कार्यक्रम में श्री अनुज प्रताप सिंह ने डिजिटल मार्केटिंग के विषय में जागरूक किया। कार्यक्रम में कुल लगभग 100 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत में अपने क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाभार्थियों को प्रमाण भी दिया गया,
साथ ही अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य हेतु शीला देवी एवं अंजू मौर्या को प्रशस्ति-पत्र एवं अंग वस्त्र से सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन पंकज शर्मा एपीओ ने किया। और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन अमित कुमार गौरव ने किया।











