फाइलेरिया को जड़ से मिटाने व इससे बचाव के लिए चलाया जाएगा आईडीए अभियान, 10 लाख से अधिक लोगों को खिलायी जाएगी डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट

HIGHLIGHTS

  • 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर खिलाएगी लाभार्थियों को दवा खिलायेंगी।

सोनभद्र। जिले में फाइलेरिया को जड़ से मिटाने के लिए व इससे बचाव के लिए आईडीए अभियान चलाया जायेगा। जिले के चार ब्लॉकों ककराही, घोरावल, चतरा एवं दुद्धी में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर लाभार्थियों को दवा खिलायेंगी। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर मुख्य चिकित्साधिकरी डॉ० अश्वनी कुमार पत्रकारों से मुखातिब हुए।

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10 लाख से अधिक लोगों को खिलायी जाएगी डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट

इस दौरान सीएमओ डॉ० अश्वनी कुमार ने बताया कि “एमडीए अभियान के दौरान घर-घर जाकर 2 वर्ष के ऊपर की 1047505 व्यक्तियों को डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट आयुवर्ग के अनुसार खिलायी जायेगी। जिसके लिए 890 टीमें बनायी गयी है, प्रत्येक टीम में दो सदस्य होगे जो सप्ताह के 4 दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार तथा शुकवार को लगभग 20 से 25 घरों में दवा खिलायेगें। इसके लिए कुल 166 सुपरवाइजर लगाये गए हैं, प्रत्येक सुपरवाइजर 5 से 6 टीमों का निरीक्षण करेगे।”

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खाली पेट नहीं खिलाना है दवा –

उन्होंने बताया कि “प्रत्येक ब्लॉक में प्रथम एवं द्वितीय डी०ए० और सुपरवाइजर का प्रशिक्षण लगभग पूर्ण हो चुका है। ब्लॉकों का चयन नाइट ब्लड सर्वे के आधार पर किया गया है, प्रत्येक ब्लॉक में 2 अलग-अलग साइटों पर 300-300 ब्लड सैम्पल लेकर फाइलेरिया रोगियों की जाँच की गयी जिसमें 4 ब्लॉकों ककराही, घोरावल, चतरा एवं दुद्धी में 1 माइकोफाइलेरी रेट के उपर पाजिटिव मिले। अभियान के दौरान 90 प्रतिशत जनसंख्या कवरेज का लक्ष्य है। अभियान में आयु वर्ग के अनुसार डीईसी व एल्बेन्डाजाल की टैबलेट खिलायी जायेगी।

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2 से 5 वर्ष के आबादी को एक गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल, 6 से 14 वर्ष की आबादी को एक गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल तथा 15 वर्ष के उपर सभी को तीन गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल खिलायी जायेगी। वहीं गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से छोटे बच्चों एवं अत्यन्त बीमार को दवा नहीं देनी है, खाली पेट किसी को भी दवा नहीं खिलाना है। अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि टीम द्वारा अपने सामने दवा खिलायी जाये, दवा वितरण से बचे एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से दवा न खाने वाले लोगों को जागरूक करें व दवा खिलाएं।”

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17 रैपीड रिस्पांस टीम का किया गया है गठन –

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की एडवर्स रिएक्शन को रोकने हेतु कुल 17 रैपीड रिस्पांस टीम टीम बनायी गयी है, जिसमें ब्लॉक ककराही में 5, घोरावल में 7, चतरा में 2 एवं दुद्धी में 3 टीमें बनाई गयी हैं।

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वहीं बैठक में मुख्य रूप से A.C.M.O. डॉ० प्रेमनाथ, डॉ० गिरधारी लाल, डॉ० सूबेदार प्रसाद, जिला मलेरिया अधिकारी आर0के0 सिंह, शुभम सिंह, डब्लूएचओ के जोनल काओर्डिनेटर डॉ० मंजीत चौधरी, सभी मलेरिया निरीक्षक एवं डीसी पाथ/पीसीआई की टीम मौजूद रही।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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