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- Varanasi News: ज्ञानवापी उर्स मामले में 13 फरवरी को अगली सुनवाई
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
वाराणसी: ज्ञानवापी में उर्स मनाने और मजार पर चादर चढ़ाने से जुड़े मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अवधेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। यह मामला हिंदू पक्ष के कुछ लोगों को पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ दायर निगरानी अर्जी से संबंधित है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 13 फरवरी तय की है।इससे पहले, फरवरी में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में उर्स आयोजन और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने की अनुमति से जुड़े मुकदमे में हिंदू पक्ष के लोगों को तृतीय पक्षकार बनाने की याचिका स्वीकार कर ली थी। इस फैसले के खिलाफ मुख्तार अहमद ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी।निगरानी अर्जी पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता नंदलाल पटेल ने तर्क दिया कि निचली अदालत ने पर्याप्त विचार-विमर्श के बिना आदेश पारित किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पक्षकार बनाया गया है, उनका इस मामले से कोई कानूनी संबंध नहीं है और न ही उनके समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।
वहीं, निगरानी अर्जी दाखिल करने वाले पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजारों और एक अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिहा पढ़ने और वार्षिक उर्स मनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उनका दावा है कि ये सभी धार्मिक गतिविधियां हमेशा से ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में संपन्न होती रही हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी, जिसमें अदालत निगरानी अर्जी पर अपना फैसला सुनाएगी।




