विंध्य संस्कृति शोध समिति के कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस

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  • विंध्य संस्कृति शोध समिति के कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस

सोनभद्र। भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर साहित्य, कला, संस्कृति, पर्यावरण क्षेत्र में तीन दशकों अनवरत रूप से कार्यरत विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के प्रधान कार्यालय में संस्थापक/ निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
 

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इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि -“आज हम जिन आजाद हवाओं में सांस ले रहे हैं यह हमारे पूर्वजों की देन है, जिनके त्याग, तपस्या, बलिदान, संघर्ष के बल पर हमें आजादी प्राप्त हुई, हमें अपनी आजादी को अक्षुण्क्ष बनाए रखने के लिए हमेशा अपने निरंतर जागरूक रहना पड़ेगा और इसकी रक्षा के लिए स्वयं आगे आना पड़ेगा, हम चाहे जहां हो जिस क्षेत्र में कार्य कर रहे हो हमें समय निकालकर अपने स्तर पर देश सेवा का कार्य करना चाहिए, 

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आज हमारा देश संपूर्ण विश्व के सामने आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, तकनीक, रक्षा के क्षेत्र में विश्व के विशाल गणतंत्र देश के रूप में रूप से तटस्थ रूप से खड़ा विश्व की नई शक्ति के रूप में उभर रहा है।
 

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आध्यात्मिक भारत देश जहां की पुण्य धरती पर हमारे देवी- देवता निवास करते हैं इस देश के प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में अब तक 12 करोड श्रद्धालुओं द्वारा संगम में स्नान किया जा चुका है, कुंभ मेले के समापन तक लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में कुंभ स्थान कर चुके होंगे ऐसे आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व वाले देश में हम निवास करते है हमें इस बात का गर्व है। विश्व का प्रयागराज में लगने वाला सबसे बड़ा मेला विश्व भर के साधु, सन्यासी, संत श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक केंद्र है।
 

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विश्व का सबसे अजूबा, भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, आदिवासी, साहित्य, कला, संस्कृति, अघोरी साधकों, तपस्वी की कर्मभूमि आदिवासी बाहुल्य राज्य बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, राजनीतिक सीमाओं से घिरा उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जनपद सोनभद्र का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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जनपद के दुद्धी क्षेत्र की एकमात्र महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजेश्वरी देवी, महान क्रांतिकारी टाउन एरिया रॉबर्ट्सगंज के अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी सहित सरकारी दस्तावेजों में दर्ज 112 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सहित अनेको ऐसे देशभक्त रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया था, आज सभी सेनानियों के त्याग, तपस्या के बल पर आज हम आजाद हैं।
  

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  15 अगस्त 1947 को हमारे देश को आजादी मिली और हम स्वतंत्र हुए लेकिन सही मायने में 26 जनवरी 1950 को जब हमारे देश में संविधान लागू हुआ तब हमें पूर्ण रूप से सामाजिक आर्थिक राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई ,हमें संविधान के रूप में राजनीतिक अधिकार मिला जो पराधीनता कल में हम भारतीयों को प्राप्त नहीं था। जिसके कारण अंग्रेज हमें गुलाम बनाए हुए थे।  आज भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगांठ है और इस अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
  

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गणतंत्र दिवस समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री राम केसरी के सुपुत्र सोहनलाल केसरी, नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, साहित्यकार रामनाथ “शिवेंद्र”, सुशील “राही”, अमरनाथ “अजेय”, अजय कुमार केसरी, श्याम शंकर गुप्ता, विजय केसरी आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा पत्रकार हर्षवर्धन केसरवानी ने किया।्

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