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- अटल बिहारी बाजपेयी जी की जन्म शताब्दी वर्ष के पूर्व संध्या पर ग्राम कैथी में काव्य गोष्ठी का हुआ भव्य आयोजन

सोनभद्र। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी की जन्म शताब्दी वर्ष के पूर्व संध्या पर ग्राम कैथी में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी के चित्र पर सदर विधायक भूपेश चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश मिश्रा सहित सभी कार्यकर्ताओं नेे पुष्पांजलि कर श्रद्धासुमन अर्पित की व जरुरतमंद गरीबों को कम्बल वितरण किया गया।

कार्यक्रम में कवि श्रद्धेय अजय शेखर, जगदीश पंथी, कमलेश राजहंस सहित तमाम कवि मौजूद रहे।
कार्यक्रम मे बतौर मुख्यअतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे जी व विशिष्ठ अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल गुप्ता मौजूद रहे।

इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी ने संगठन की शक्ति ही कूट कूट कर भरी थी उन्हे धैर्य और संयम के साथ कडी मेहनत पर भरोसा था 1980 में जनता पार्टी के टूट जाने के बाद अटल बिहारी बाजपेयी जी ने लालकृष्ण आडवाणी और कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी का गठन किया।

पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने 1980 से 1986 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे अटल जी के अगुवाई मे भाजपा ने धिरे धिरे अपना संगठन मजबूत किया। 1984 के आमचुनाव में भाजपा को महज दो सीटों पर जीत हासिल हुयी अटल जी इससे विचलित नही हुए और पार्टी को मजबूत करने मे जुटे रहे ये उनके व्यक्तित्व और
करिश्माई नेतृत्व का नतीजा ही था कि 1984 मे सिर्फ दो सीटो पर जीत दर्ज करने वाली पार्टी 1989 के चुनाव में 85 सीटे जीतकर भारतीय लोकतंत्र मे भाजपा की दमदार उपस्थिति दर्ज करायी साथ ही सालो बाद भारतीय लोकतंत्र मे एक नये और मजबूत नींव रखी उनके विचारो को आगे बढाते हुए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे विश्व मे भारतीय जनता पार्टी का परचम लहरा रहा है।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल जी ने कहा कि आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष की पूर्व संध्या पर आज यह कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है, और कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी देश के तीन बार प्रधानमंत्री होने के अलावा हिन्दी कवि पत्रकार व प्रखर वक्ता भी थे व जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था
उनके पिता का नाम कृष्णबिहारी बाजपेयी था उन्होने ने अपनी शिक्षा ग्वालियर के बिक्टोरिया कालेज से ली जिसे अब लक्ष्मीबाई कालेज के नाम से जाना जाता है, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी एक ओजस्वी वक्ता और जनकवि थे अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से मां भारती को विश्व में गौरवान्वित किया

और भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थे उनके जीवन के हर एक पल से हमें कुछ ना कुछ सिखने को मिला श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी कुशल राजनीतिज्ञ के साथ ही लेखक व कुशल वक्ता भी थे वे देश के गौरव थे राजनीति के मायने क्या होना चाहिए उन्होने अपने राजनीतिक जीवन के माध्यम से इसे समझाया उनका योगदान युगों युगों तक भुलाया नही जा सकता।
इस मौके पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष/कार्यक्रम संयोजक अजीत चौबे ने कहा कि भारतीय राजनीति के पुरोधा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी भारतीय राजनीति में 6 दशक तक पुरजोर दखल रखने वाले अपनी दूरदर्शिता और करिश्माई व्यक्तित्व की वजह से देश के साथ ही अंतराष्ट्रीय मंचो पर भी अमिट छाप छोडी है अटल जी के लिए राष्ट्रहित हमेशा दलगत राजनीति से उपर रहा है,

एक सांसद के रुप अटल बिहारी बाजपेयी दो बार राज्यसभा और दस बार लोकसभा के सदस्य चुने गये भारत रत्न से सम्मानित अटल जी देश के तीन बार प्रधानमंत्री बने अटल जी का एक लंबा अनुभव रहा है, उन्होने अधिकंाश समय विपक्ष मे बिताया है इसके बावजूद उन्होने निरंतर जनहित से जुडे मुद्दे उठाए और अपने सिद्धांतो से कभी विचलित नही हुए अपनी दूरदर्शिता और शब्दो के साथ भाषा पर बेजोड पकड के वजह से बाजपेयी जी ने राजनीति,

साहित्य और समाज के हर क्षेत्र में अमिट छाप छोडी चाहे किसी भी कठिनाइयां रही हो अटल जी ने अपने मजबूत इरादों के साथ उनका डटकर मुकाबला किया। अटल जी के बताएं रास्ते पर हम सभी कार्यकर्ताओं को चलना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजली होगी।
इस मौके पर पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश मिश्रा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामलखन सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, ब्लॉक प्रमुख राबर्ट्सगंज अजीत रावत, नगवा प्रमुख आलोक सिंह, जिला महामंत्री रामसुन्दर निषाद, संतोष शुक्ला, शंम्भू नारायण सिंह,

महेन्द्र पाण्डेय, राजबहादुर सिंह, अनूप तिवारी, विनय श्रीवास्तव, सुनिल सिंह, रजनीश रघुवंशी, सुरेश शुक्ला, दिलिप चौबे, वरुण तिवारी, किरन तिवारी, रुबी गुप्ता, गुडिया तिवारी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।



















