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- डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का मनाया गया परिनिर्वाण दिवस
सोनभद्र। शुक्रवार को अपना दल एस के जिला कार्यालय छपका पर बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम का आयोजन जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल की अध्यक्षता मे आयोजित हुआ।

जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में का0 प्रदेश सचिव श्रमिक मंच विनोद यादव एवं विशिष्ट अतिथि का0 जिला महासचिव कृष्णकांत कुशवाहा उपस्थित रहें।
कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश पटेल तरंग ने किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल ने कहा की आम्बेडकर जी कहते थे । “शिक्षा जितनी पुरुषों के लिए आवश्यक है उतनी ही महिलाओं के लिए “हिंदू धर्म में व्याप्त कुरूतियों और छुआछूत की प्रथा से तंग आकार सन 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। सन 1990 में, उन्हें भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था।

भीमराव अम्बेडकर का दृष्टिकोण, उनकी विचारधारा मानववादी रही है। उनका उदेश्य शोषित, पीड़ीत एवं दलित समाज का विकास करना एवं उन्हें उनके मानव अधिकारों से सजग करानाएवं मानवीय अधिकार दिलाना था। उनके चिन्तन में स्वतंत्रता, समानता, बंधुता व न्याय के दर्शन होते है ।

मुख्य अतिथि विनोद यादव ने कहा की बचपन से ही आर्थिक और सामाजिक भेदभाव से जूझते हुए भीमराव अंबेडकर ने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई शुरू की थी। भीमराव अंबेडकर जी को श्री कृष्ण केशव अम्बेडकर ने पढ़ाया था।संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर को वंचितों, गरीबो और शोषितों का मसीहा बनाने में एक राजा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सायाजीराव गायकवाड़ ने अंबेडकर की उस वक्त मदद की, जब उनके सामने आगे पढ़ाई करने का संकट खड़ा हो गया था.

विशिष्ट अतिथि कृष्णकांत कुशवाहा ने कहा कि बाबा साहेब कहते थे “शिक्षा वो शेरनी का दूध है ,जो पियेगा वो दहाड़ेंगा” अंबेडकर जी ,रामजी और भीमाबाई के 14वें संतान थे। रामजी-भीमाबाई के सात बच्चों की शिशु अवस्था में ही मौत हो गई थी। ऐसे में अंबेडकर का खास ख्याल रखा जाता था।

बचपन में वह लाड़-प्यार में बिगड़े बालक थे। वे जैसे-जैसे बड़े हुए उनकी छवि ज़िद्दी व लड़ाकू बालक की बनती गई। उन्हें किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं था। उनकी यह आदत आजीवन बनी रही।

कार्यक्रम में का0 जिलाध्यक्ष युवा मंच ई0 के0डीo सिंह, का0 जिला मीडिया प्रभारी अनूप पटेल ,पूर्व मीडिया प्रभारी विकाश पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष बौद्धिक मंच चंद्रशेखर पटेल, आईटी सेल जिलाध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह , पूर्व जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मंच आसिफ अहमद ,पूर्व जिला उपाध्यक्ष बौद्धिक मंच प्रवीण त्रिपाठी,विधान सभा अधक्ष्य घोरावल रामसूरत पटेल, महेंद्र पटेल, लवकुश पटेल,प्रेमनाथ कन्नौजिया, राजाराम गुप्ता, धर्मेंद्र पटेल, दीपक सिंह राजपूत, आजाद पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।






















