HIGHLIGHTS
- समाज में महिला श्रम के प्रति दृष्टिकोण – डॉ कंचन जैन
महिलाओं का श्रम सदियों से समाज का एक अभिन्न अंग रहा है। हालांकि, उनके काम के प्रति समाज का दृष्टिकोण समय के साथ लगातार बदलता रहा है। विभिन्न कालखंडों में, महिलाओं को उनके कार्य के लिए अलग-अलग तरह की मान्यता और सम्मान मिला है। यह अध्याय विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में महिला श्रम के प्रति समाज के बदलते हुए दृष्टिकोण का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

महिला श्रम का इतिहास एक लंबा और जटिल रहा है। समय के साथ, महिलाओं के काम के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलता रहा है। आज, महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, अभी भी कई चुनौतियाँ हैं जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है।

प्राचीन काल कृषि और घरेलू कार्य: प्राचीन काल में, महिलाएं मुख्य रूप से कृषि और घरेलू कार्यों में लिप्त थीं। उन्हें परिवार की देखभाल करने वाली और खेतों में काम करने वाली महिला के रूप में देखा जाता था।
धार्मिक भूमिका: कुछ सभ्यताओं में, महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली देवियों के रूप में पूजा जाता था।

समाजिक स्थिति: हालांकि, समाज में महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना में कम थी। उन्हें पुरुषों की तुलना में कम अधिकार और स्वतंत्रता प्राप्त थी।

मध्यकाल शिल्प और व्यापार: मध्यकाल में, महिलाएं शिल्प और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी काम करने लगीं। कुछ महिलाएं अपने पति के साथ व्यापार करती थीं, जबकि कुछ ने स्वतंत्र रूप से व्यापार शुरू किया।
समाजिक प्रतिबंध: फिर भी, समाज में महिलाओं के लिए कई प्रतिबंध थे। उन्हें सार्वजनिक रूप से काम करने और संपत्ति रखने के अधिकार सीमित थे।
धार्मिक प्रभाव: धर्म ने भी महिलाओं के काम के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित किया। कुछ धर्मों ने महिलाओं को घर के काम तक सीमित रखा, जबकि अन्य ने उन्हें कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दी।

आधुनिक काल औद्योगिक क्रांति: औद्योगिक क्रांति ने महिलाओं के काम करने के तरीके को बदल दिया। कई महिलाएं कारखानों में काम करने लगीं।
महिला अधिकार आंदोलन: 19वीं और 20वीं शताब्दी में, महिला अधिकार आंदोलन ने महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश: महिलाएं अब विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और राजनीति में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।

भारत में महिला श्रम
भारत में, महिलाओं ने सदियों से कृषि, हस्तशिल्प और घरेलू कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता के बाद, भारत सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई नीतियां बनाई हैं। हालाँकि, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम विकसित है।

समकालीन परिदृश्य और चुनौतियाँ
आज, महिलाएं दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं। हालांकि, उन्हें अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि लैंगिक भेदभाव, कम वेतन और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न।






















