HIGHLIGHTS
- संस्कृत और संस्कृति के आपसी समन्वय से भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है: डीएम
- संस्कृत छात्रवृत्ति योजना के तहत बच्चों में चेक का किया गया वितरण

सोनभद्र। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संस्कृत छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ हुआ। जिसका सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की संयुक्त अध्यक्षता में संपादित किया गया।

वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह के निर्देश में संयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय संस्कृत गहाविद्यालय तरावां के संस्कृत आचार्य प्रदीप मिश्र द्वारा स्वस्तिवाचन एवं मंगलाचरण से किया गया। इस आयोजन में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जिला अधिकारी को एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय द्वारा मुख्य विकास अधिकारी का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरु संस्कृत माध्यमिक विद्यालय भवानी ग्राम के छात्र अंजनधन द्विवेदी द्वारा सुंदर वैदिक श्लोक गायन की भी प्रस्तुति की गई। उक्त आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संस्कृत के प्राचीनतम विश्वविद्यालय संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय काशी के प्रांगण से प्रदेश के 69195 विद्यार्थियों को 586 लाख की छात्रवृत्ति के वितरण कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में

मुख्यमंत्री द्वारा संस्कृत के वर्तमान समय में महत्व एवं प्रासंगिकता को समझाते हुए भारत को विश्व गुरु व विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में इस भाषा को पुनः सशक्त करने का आवाहन संपूर्ण प्रदेशवासियों से किया गया।

जनपद स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा जवाहरलाल नेहरू संस्कृत माध्यमिक विद्यालय भवानी गांव एवं राष्ट्रीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालय तरावां के छात्र-छात्राओं को प्रतीकात्मक चेक द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की साथ ही अपने संबोधन में संस्कृत और संस्कृति के आपसी समन्वय से भारत को विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र की दिशा में प्रयास हेतु सभी को संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में अपर जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह, समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, अपर निदेशक पशुपालन विभाग डॉ० राकेश कुमार चौरसिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एके मिश्र, माध्यमिक शिक्षा विभाग जिला समन्वयक में अरविंद चौहान, संतोष कुमार,

कमलेश यादव विजय दुबे सहित राजा शारदा महेश इंटर कालेज प्रधानाचार्य बृजेश कुमार सिंह, प्रवक्ता अनिल पासवान, जीजीआईसी की प्रभारी प्रधानाचार्य वंदना सिंह, राजकीय हाई स्कूल चेरुई के प्रधानाचार्य विवेकानंद मिश्र सहित कई माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक शिक्षिकाएं व बच्चे उपस्थित रहें।
























