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- बोले सासंद छोटेलाल खरवार राजनीतिक द्वेष के चलते विपक्ष ने किया ऐसा हरकत इसी जाती प्रमाण पर भाजपा में थे सासंद।
विनय श्रीवास्तव
सोनभद्र। प्रयागराज हाईकोर्ट ने रावर्ट्सगंज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद की जाति प्रमाण पत्र को लेकर हाईकोर्ट ने चंदौली जिला अधिकारी को जांच का आदेश प्रयागराज हाईकार्ट ने जिलाधिकारी चन्दौली को 10 सप्ताह में जांच पूरी करने का दिया। आदेश इन्द्रजीत बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य की दायर याचिका पजा ट्र टीटी 4ßf FFA co gf FFAति प्रमाण पत्र को लेकर बोले सांसद छोटेलाल खरवार; सारी साजिश विपक्षियों की हैर दिया आदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व

न्यायमूर्ति विपिन चन्द्र दीक्षित की खण्डपीठ ने 17 अक्टूबर को दिया आदेश याचीका ने आरोप लगाया कि सांसद छोटेलाल खरवार द्वारा जाति प्रमाण पत्र के सम्बंध में गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया व उनका जाति प्रमाण पत्र सन्दिग्ध है सांसद की कामकर बिरादरी खरवार/खैरवार जाति की उपजाति नही है।
एसटी ऑर्डर 1967 अमेंडमेंट 1976 तथा संविधान के अनुच्छेद 341(2) और 342(2) के अन्तर्गत संसद द्वारा पारित अमेंडमेंट एक्ट 2002 में कही अनुसूचित जाति /जनजाति में नही है। अधिवक्ता अभिषेख चौबे ने कहा कि वाराणसी,सोनभद्र,देवरिया,

बलिया और गाजीपुर में अनुसूचित जनजाति तथा शेष उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है परन्तु छोटेलाल खरवार ने कूटरचित व गलत तथ्यों के आधार पर खरवार समाज का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र चंदौली से जारी करवा लिया है वही सासंद ने कहा कि भाजपा व अपना दल (एस) आदिवासियों का विरोधी है ।नागरिक रजिस्टर के माध्यम से हो अन्य लोगो की जाच चंदौली डीएम को पत्र देकर अन्य लोगो का भी कराएंगे जाती की जांच।



























