सोनभद्र। जनपद के घोरावल स्थित राजकीय इंटर कालेज में अध्यापकों की कमी के कारण पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। इस विद्यालय में 1000 के लगभग हाईस्कूल व इंटर के छात्र अध्यनरत हैं लेकिन हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्रों के समक्ष एलटी ग्रेड व प्रवक्ता की कमी के चलते छात्रों का भविष्य अंधकार में है।

बता दें कि राजकीय इंटर कॉलेज घोरावल सन 1972 में खुला। तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी तथा सिंचाई व स्वास्थ्य मंत्री लोकपति त्रिपाठी ने विद्यालय का उद्घाटन किया था। सरकारी विद्यालय होने के चलते घोरावल नगर व इर्द गिर्द गांव के पढ़ने वालों की संख्या अच्छी खासी रही।

लेकिन अब अध्यापकों की कमी के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के सामने विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। इस विद्यालय में पठन-पाठन के लिए कमरे तो पर्याप्त हैं लेकिन अध्यापक की कमी से पढ़ाई बाधित हो रही है। देखा जाए तो हिंदी और संस्कृत के एलटी ग्रेड अध्यापक को छोड़कर अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, गणित के प्रवक्ता है ही नहीं।

सबसे आश्चर्य की बात है कि राजकीय इंटर कॉलेज घोरावल पीएमश्री विद्यालय है, जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं प्रधानमंत्री स्तर से हो रही हो। इस विद्यालय की कायाकल्प योजना बहुत बेहतर है लेकिन छात्रों के समक्ष पढ़ाई की घोर समस्या है।

प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान समय में शिक्षकों की कमी है हाई स्कूल और इंटर के छात्रों को पठन-पाठन में दिक्कत आ रही है। इस समस्या के संदर्भ में उच्च अधिकारियों तक पत्राचार भी किया जा चुका है।

बताया कि विद्यालय में अध्यापकों व प्रवक्ता की कमी होने की सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद को भी दी जा चुकी है, जहां से जल्दी ही नियुक्ति की बात कही गई है। इधर गौर करें तो अक्टूबर चल रहा है। आगामी फरवरी में बोर्ड की परीक्षा सिर पर है। छात्रों को इस बात की चिंता सता रही है कि इतने अल्प समय में वह कोर्स कैसे तैयार करेंगे
























