घोरावल, सोनभद्र। घोरावल तहसील क्षेत्र के जमगांव मे लगभग सौ साल के उपर अनोखा मंदिर है। काली माता के मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी माता का भब्यतम श्रृंगार पूजन किया गया शारदीय नवरात्रि की सप्तमी के दिन जब श्रद्धालु देवी कालरात्रि के दर्शन और पूजन के लिए उमड़ पड़े । घोरावल तहसील के जमगांव में स्थित प्राचीन कालरात्रि देवी का मंदिर आज भक्तों की भीड़ से भरा रहा।

सायंकाल से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई, और ‘जय माता दी’ और ‘जय कालरात्रि माँ’ के उद्घोषों से गूंज उठी।

भव्य श्रृंगार और आरती
माँ कालरात्रि का भव्य श्रृंगार अड़हुल, गेंदा और गुलाब के फूलों से किया गया। पंचामृत स्नान के बाद मंगला आरती का आयोजन हुआ।
इसके पश्चात भक्तों के लिए मंदिर के पट खोले गए। श्रद्धालुओं ने नारियल और चुनरी का प्रसाद चढ़ाकर माता से सौभाग्य की कामना की।
मां कालरात्रि का महत्व
मंदिर के महंत पुजारी तांत्रिक लाल बाबा ने बताया कि नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। देवी का स्वरूप विकराल होते हुए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। देवी कालरात्रि अकाल मृत्यु से रक्षा करती हैं और भय-बाधाओं का नाश करती हैं।

मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह
माता के मंदिर में श्रद्धालुओं ने लंबी कतार में लग कर माताजी के श्रिंगार के दर्शन का लाभ लिया।
जिसमें आचार्य पण्डित महेश उपाध्याय संरक्षक मार्तंड सिंह अध्यक्ष, परीक्षित सिंह कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह सेवक, ओमकार, गणेश वर्मा, प्रेम प्रकाश, और समिति के समस्त सदस्य समस्त ग्राम वासियों ने माता रानी का दर्शन पूजन किया।


























