Varanasi News: बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि 200 करोड़ की लागत से एक निजी कंपनी इसका निर्माण करेगी और 35 सालों तक वह इसका रखरखाव का काम भी करेगी. 18 महीने में यह सब स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा.
HIGHLIGHTS
- वाराणसी में बनेगा पूर्वांचल का पहला निजी ट्रांसमिशन उपकेंद्र, 200 करोड़ रुपए होंगे खर्च
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पूर्वांचल का पहला निजी ट्रांसमिशन उपकेंद्र बनाया जाएगा. 220 केवी के इस बिजली उपकेंद्र से शहर के 5 प्रमुख उपकेंद्रों को गर्मी में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी . 200 करोड़ की लागत से एक निजी कंपनी इसका निर्माण करेगी और 35 सालों तक वह इसका रखरखाव का काम भी करेगी.

बताया जा रहा है कि 18 महीने में यह सब स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा. उसके बाद गर्मियों के सीजन में ट्रिपिंग समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगीबिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि यह बिजली उपकेंद्र टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली पर आधारित होगा. जो शहर के दूसरे उपकेंद्रों को बिजली बेचेगा.
35 साल तक इसके निर्माण कराने वाली कंपनी इस उपकेंद्र से दूसरे उपकेंद्रों को बिजली सप्लाई करेगी. इस उपकेंद्र की एक खास बात यह भी है कि यदि किसी उपकेंद्र पर कोई बड़ा फॉल्ट हुआ तो इमरजेंसी में इस उपकेंद्र से वहां विद्युत आपूर्ति भी की जा सकेगी.
नहीं खर्च होगा सरकार का एक भी पैसा
35 साल बाद यह उपकेंद्र पूरी तरह यूपी सरकार को सौंप दिया जाएगा .बता दें कि इस उपकेंद्र के निर्माण में खर्च होने वाले 200 करोड़ की लागत में सरकार का कोई निवेश नहीं होगा. बल्कि पॉवर कॉर्पोरेशन के देखरेख में इसका संचालन किया जाएगा. वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में इस विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होगा.




