जिले की नई CDO बनाई गई जागृति अवस्थी, बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत है IAS जागृति

HIGHLIGHTS

  • जिले की नई मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनी IAS जागृति अवस्थी
  • CDO सौरभ गंगवार का ट्रांसफर हुआ मेरठ, बनाए गए नगर आयुक्त मेरठ

सोनभद्र। यूपी में तबादलों को दौर जारी है आधी रात को कई आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए गए हैं।
तो वहीं जिले के मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार का ट्रांसफर करते हुए उन्हें नगर आयुक्त मेरठ के रूप भेजा गया है ओर जिले की नई मुख्य विकास अधिकारी (CDO) IAS जागृति अवस्थी को बनाया गया है। जो कि इनकी वर्तमान में तैनाती संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रयागराज के रूप में थी।

Advertisement

बतादें कि जागृति अवस्थी सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल कर टॉप किया ओर IAS ऑफिसर बनी, इन्हे मात्र दो तैयारी में ही सफलता मिली थी। आज ये देश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेणना स्तोत्र है।

Advertisement

कौन है IAS जागृति अवस्थी, जानिए परिवार के बारें में

IAS जागृति अवस्थी मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं। उनके परिवार में माता-पिता और एक भाई है। जागृति के पिता एससी अवस्थी पेशे से होमियोपैथ हैं। वहीं उनकी मां एक स्कूल टीचर थी, हालंकि जागृति की पढ़ाई में मदद करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। जागृति का एक भाई भी है जो एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र है।

Advertisement

IAS जागृति अवस्थी की शिक्षा
जागृति अवस्थी ने  भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में ग्रेजुएशन किया है। बता दे कि साल 2016 में जागृति ने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। जिसके बाद जागृति गेट की परीक्षा में शामिल हुईं और उसमें सफलता हासिल कर के बाद भेल में बतौर टेक्निकल ऑफिसर नौकरी करने लगीं। हालाँकि जागृत का सपना तो सिविल सर्विसेज में आने का था, जिसके जागृति ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और दो साल बाद इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी।

Advertisement



आईएएस बनने के लिए जागृति ने छोड़ी नौकरी

साल 2019 में जागृति ने अफसर बनने के सपने को पूरा करने की ठान ली और दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन ले लिया। हालाँकि कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोपाल लौटना पड़ा। लेकिन उनकी पढ़ाई नहीं रुकी। जागृति ने ऑनलाइन क्लासेज की।

Advertisement



IAS जागृति अवस्थी की सफलता

आईएएस बनने के लिए जागृति ने इंजीनियरिंग छोड़ी तो उनके माता पिता ने भी बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया। माँ ने बेटी की मदद के लिए टीचर की नौकरी छोड़ी तो घर पर चार सालों से टीवी को ऑन भी नहीं किया गया। ये सारे बलिदान जागृति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे। पहले प्रयास में जागृति प्रीलिम्स भी पास नहीं हो सकी थीं लेकिन उन्होंने दृढ़ निश्चय किया और दूसरे प्रयास में टॉपर बन गयीं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

Sanskriti Live is a news website. Where you can read news related to religion, literature, art, culture, environment, economic, social, business, technology, crime, agriculture etc. Our aim is to provide you with correct and accurate information. This news website is operated by Sanskriti Live News Network (OPC) Pvt. Ltd. If you want to join us, you can contact us on 7007390035 or info@sanskritilive.in.

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें