विनय श्रीवास्तव
सोनभद्र। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय का कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया गया। देश में आदिवासियों के विरोध में वन संशोधन अधिनियम 2023 लागू करके आदिवासियों को

बड़े पैमाने पर बेदखल करने एवं विकास के नाम पर आदिवासियों का जल जंगल मकान और जमीन के मालिकाना हक एवं अधिकार से वंचित करने के विरोध में राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के बैनर तले धरना , प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नामित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा गया।

ज्ञापन के माध्यम से संसद द्वारा असंवैधानिक कानूनों पर तत्काल रोक लगा कर सवैधनिक कानून व्यवस्था के अनुसार अधिकार सुरक्षित संरक्षित करने की मांग किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई कर्ता भगवानदास गौड़ जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद द्वारा किया गया।

वही जय सरदार भीम सेना के अध्यक्ष विवेक सिंह पटेल ने कहा कि आदिवासियों का जल जंगल जमीन का अधिकार हैं। उनका अधिकार छीना जा रहा है प्रकृति के संरक्षक आदिवासी ही हैं जिसमें कि देश के संविधान के साथ छेड़छाड़ कर देश में अधिकारों का हनन किया जा रहा है जिसको कतई बर्दाश्त करने की योग्य नहीं है

और पांचवी छठवीं सूची वर्तमान सदन में लागू किया जाए नहीं तो आने वाले समय पर आंदोलन बृहद रूप प्रदर्शन करेगा। हमारे अधिकारों का हनन किया जा रहा है आदिवासियों के संविधान को 2023 में वर्तमान सरकार ने बदल दिया है जिसको लेकर हम लोग आहत हैं हम वर्तमान सरकार से मांग करते हैं कि हमारा पूर्ण अधिकार जो पहले से लागू था उसे ही लागू किया जाए

बतादें कि2023 में जो संविधान संशोधन करके गलत कानून पास किया गया जिसे देश के सारे आदिवासी समाज देशभर में विरोध कर रहे हैं हमारे पूर्वजों द्वारा जिस जमीन पर पट्टा था उसे पट्टे को वर्तमान सरकार ने आधे से अधिक लोगों का खत्म कर दिया है

जो की आज आदिवासियों के पास रहने तक की जगह नहीं बची हम आदिवासी जन अपने अधिकार की मांग करते हैं अगर हमारा अधिकार नहीं मिला तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस सरकार की होगी प्रशासन की होगी।

































