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- पत्रकारों की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ओबरा ने बरसात में भींगते हुए जलजमाव की समस्या का कराया मौके पर समाधान
अजीत कुमार सिंह की रिर्पोट
ओबरा, सोनभद्र। कुछ अधिकारी अपने कार्य के जरिए लोगों के दिल में रसबस जाते हैं तो कुछ अधिकारी अपने कार्य के साथ साथ व्यवहार कुशलता से लोगों में छा जाते हैं। जैसा कि उपजिलाधिकारी ओबरा का कार्य व्यवहार देखने को मिल रहा है। जनसमस्याओं के निस्तारण और आमजनों को होने वाली समस्याओं को लेकर वह कितने गंभीर है

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस जलनिकासी की समस्या से लोगों को लंबे समय से निजात नहीं मिल पा रहा था उसे उन्होंने चुटकियों में न केवल हल कराया है, बल्कि बरसात की बूंदों की परवाह किए बिना मौके पर तब तक खड़े रहे हैं जबतक कि जल निकासी का मार्ग पूरी तरह से प्ररस्त नहीं हो गया।

जी हम बात कर रहे हैं सोनभद्र जिले के ओबरा तहसील की जहां पर ओबरा नगर को बग्धानाला से जोड़ने वाला एकमात्र सुगम मार्ग पर हल्की बरसात में मध्य क्रशर क्षेत्र में जल निकासी के लिए बनी पुलिया को मिट्टी से पाट देने के कारण पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो गई थी।

इस मसले पर ओबरा के युवा ,संवेदनशील, कर्मठ व विनम्र उपजिलाधिकारी को जब सड़क पर जमा बरसात के पानी और तालाब सी उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया गया तो फौरन उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह ने गंभीरतापूर्वक समस्या को सुनकर त्वरित कार्रवाई का आदेश देते हुए, तेजतर्रार क्षेत्रीय लेखपाल अमित सिंह के साथ मौके पर पहुंच कर मिट्टी के पहाड़ से पटे नाले का भींगते हुए घुटने तक पानी में उतरकर सड़क पार कर गंभीरतापूर्वक निरीक्षण किया।

क्षेत्रीय लेखपाल की मदद से पोकलेन मशीन मंगवाकर मौके पर खड़े होकर संवेदनहीन क्रशर मालिक द्वारा मिट्टी के पहाड़ से पाटे गए नाले की खुदाई करवा जलनिकासी का रास्ता खुलवाया। उक्त अवसर पर बीडीओ चोपन शुभम वरनवाल, एडीओ पंचायत काशीराम, वरिष्ठ पत्रकार रामप्यारे सिंह, अजीत सिंह, अरविंद कुशवाहा उपस्थित रहे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी ने बताया कि भविष्य में यदि कोई नाला नाली पाटेगा तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर, त्वरित मौके पर निस्तारण किए जाएंगे। दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी ने कहा कि पहले से ही मुख्य मार्ग पर जलजमाव की समस्या पर उनकी नजर थी बस उपयुक्त अवसर का इंतजार था। सड़क पर जलजमाव की समस्या से निजात मिलते ही उपजिलाधिकारी की जहां सर्वत्र चर्चा हो रही है वहीं लोगों ने इस पहल की सराहना भी की है।
ज्ञातव्य हो कि इस एकमेव मार्ग पर सबसे ज्यादा क्रशर व्यवसायी ही चलते हैं। दुर्भाग्य है कि कुछ संवेदनहीन प्लांट मालिक के कुकर्म का दंड, समूचे लोगों को भोगने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
























